रायपुर, 01 सितम्बर 2026/ मुख्य सचिव विकासशील ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के तहत राज्य में तकनीकी वस्त्र उद्योग की संभावनाओं को विकसित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने तकनीकी वस्त्र मिशन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया। मुख्य सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के विकास के लिए उद्योग, शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास से जुड़े संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रदेश में टेक्सटाईल और तकनीकी वस्त्र उद्योग की संभावनाओं का अध्ययन कर क्षेत्रवार कार्ययोजना तैयार की जाए। इसके लिए शैक्षणिक एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाए तथा युवाओं के लिए आवश्यक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाए। इससे प्रदेश में नई औद्योगिक गतिविधियों के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।
बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के अंतर्गत शिक्षा, प्रशिक्षण, कौशल विकास, बाजार विकास, अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी वस्त्रों के विकास से संबंधित विषयों पर प्रस्तुति दी। तकनीकी वस्त्र सामान्य कपड़ों से अलग ऐसे विशेष उत्पाद होते हैं जिनका उपयोग उनके सौंदर्य के बजाय तकनीकी और कार्यात्मक गुणों के लिए किया जाता है। इनका उपयोग कृषि, चिकित्सा, निर्माण, खेल, सुरक्षा, परिवहन और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है।
बैठक में एग्रो टेक्सटाईल, मेडिकल टेक्सटाईल, कंस्ट्रक्शन टेक्सटाईल, स्मार्ट टेक्सटाईल, स्पोर्ट्स टेक्सटाईल और होम टेक्सटाईल जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। एग्रो टेक्सटाईल का उपयोग कृषि और बागवानी में उत्पादकता बढ़ाने तथा फसलों की सुरक्षा में किया जा सकता है। वहीं मेडिकल टेक्सटाईल का उपयोग स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न उपकरणों और उत्पादों में होता है। निर्माण क्षेत्र में तकनीकी वस्त्र मजबूत एवं टिकाऊ आधारभूत संरचना विकसित करने में उपयोगी हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी तकनीकी वस्त्र क्षेत्र को अनुसंधान, नवाचार, बाजार विकास, निर्यात तथा कौशल विकास के माध्यम से बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन वर्ष 2020 में 1,480 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ शुरू किया गया था। मिशन के अंतर्गत विशेष फाइबर, जियोटेक्सटाईल, एग्रो टेक्सटाईल, मेडिकल टेक्सटाईल, स्मार्ट टेक्सटाईल, सुरक्षात्मक एवं खेल टेक्सटाईल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
फरवरी 2026 में मिशन के अंतर्गत उन्नत तकनीकी वस्त्र उत्पादों, उच्च प्रदर्शन फाइबर, स्मार्ट एवं कार्यात्मक वस्त्र, सुरक्षात्मक उपकरण, वस्त्र मशीनरी और औद्योगिक अनुप्रयोगों से संबंधित 16 नई अनुसंधान परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की जरूरत को देखते हुए शिक्षा और कौशल विकास को भी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के अंतर्गत तकनीकी वस्त्रों से संबंधित विभिन्न कौशल पाठ्यक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में इस क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए ग्रामोद्योग विभाग द्वारा तैयार की जाने वाली कार्ययोजना में उद्योगों की जरूरत, स्थानीय संसाधनों, प्रशिक्षण संस्थानों, अनुसंधान सुविधाओं और बाजार की संभावनाओं को शामिल किया जाएगा। बैठक में ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा सहित उद्योग एवं वाणिज्य, तकनीकी शिक्षा, एनआईटी, कौशल विकास, उच्च शिक्षा तथा विश्वविद्यालयों के तकनीकी विशेषज्ञों ने भाग लिया।

