बलरामपुर, 01 सितंबर 2026। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में झारखंड की सीमा से पहुंचे जंगली हाथियों की मौजूदगी ने वन विभाग और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में कुल 10 हाथियों की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इनमें सात हाथियों का एक दल शामिल है, जबकि तीन लोनर हाथी अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहे हैं। हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल हाथियों का विचरण फुलवार, छतवा, शिवपुर, चीनिया और टकिया क्षेत्र में बताया जा रहा है। वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं। संवेदनशील गांवों और जंगल से लगे इलाकों में ग्रामीणों को हाथियों की संभावित आवाजाही की जानकारी दी जा रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें और विशेष रूप से शाम तथा रात के समय जंगल की ओर जाने से बचें।
रामानुजगंज रेंजर डॉ. दिलरुबा बानो के अनुसार, रामानुजगंज वन परिक्षेत्र का भू-भाग और आसपास का वन क्षेत्र धीरे-धीरे हाथियों के लिए अनुकूल होता जा रहा है। यही वजह है कि झारखंड की ओर से हाथियों का आवागमन लगातार देखने को मिल रहा है। वन विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है।
वन विभाग के लिए लोनर हाथियों की गतिविधियां विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण मानी जा रही हैं। इससे पहले भी रामानुजगंज क्षेत्र में झारखंड की ओर से आए लोनर हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो चुकी है। अगस्त में शिवपुर जंगल में भैंस चराने गए ग्रामीण पर नर हाथी ने हमला किया था। घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाते हुए ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की सलाह दी थी।
इसी पृष्ठभूमि में वर्तमान में हाथियों की मौजूदगी को लेकर वन विभाग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। हाथियों के दल और लोनर हाथियों की लोकेशन पर लगातार नजर रखने के साथ ही उनकी दिशा और गतिविधियों का आकलन किया जा रहा है। विभागीय टीमों द्वारा ग्रामीणों को यह भी समझाया जा रहा है कि हाथियों को देखकर उनका पीछा न करें, फोटो या वीडियो बनाने के लिए उनके करीब न जाएं और उन्हें किसी भी तरह से उकसाने या परेशान करने की कोशिश न करें।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर तत्काल आसपास के लोगों को सतर्क करें और वन अमले को जानकारी दें। खेतों या जंगल के आसपास हाथियों की गतिविधि दिखाई देने पर भीड़ एकत्र करने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहें। वन विभाग का मानना है कि हाथियों और ग्रामीणों के बीच दूरी बनाए रखने तथा समय पर सूचना मिलने से मानव-हाथी संघर्ष की संभावित घटनाओं को रोका जा सकता है।
रामानुजगंज क्षेत्र अंतरराज्यीय सीमा से लगा होने के कारण यहां हाथियों की आवाजाही को लेकर वन विभाग को लगातार निगरानी रखनी पड़ती है। झारखंड में भी हाल के दिनों में जंगली हाथियों की गतिविधियां सामने आई हैं, जिससे सीमा से लगे छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही पर निगरानी और महत्वपूर्ण हो गई है।

फिलहाल वन विभाग की टीमें हाथियों के विचरण क्षेत्रों में सक्रिय हैं। विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग करते हुए सतर्क रहने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में वन विभाग को तत्काल सूचना देने की अपील की है।
