सरकार ने चीनी व्यापारियों की भंडारण सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल की, जमाखोरी रोकने और कीमतों में स्थिरता पर जोर

नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026। सरकार ने चीनी के घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, जमाखोरी पर अंकुश लगाने और उपभोक्ताओं को कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव से राहत देने के उद्देश्य से व्यापारियों के लिए चीनी भंडारण की सीमा घटा दी है। नए प्रावधानों के तहत चीनी व्यापारी अब देश में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर अधिकतम 2,000 क्विंटल चीनी का ही भंडारण कर सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 4,000 क्विंटल थी।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार संशोधित भंडारण सीमा 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम बाजार में चीनी की उपलब्धता पर निगरानी मजबूत करने और किसी भी तरह की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों को रोकने के लिए उठाया गया है।

संशोधित प्रावधानों के अनुसार, कोई भी चीनी व्यापारी प्राप्ति की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक चीनी का भंडार अपने पास नहीं रख सकेगा। इसके साथ ही देशभर में किसी भी समय और किसी भी स्थान पर व्यापारी द्वारा रखे जाने वाले चीनी के कुल स्टॉक की सीमा 2,000 क्विंटल निर्धारित की गई है।

हालांकि, कोलकाता और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इन क्षेत्रों में चीनी भंडारण की अधिकतम सीमा 4,000 क्विंटल ही रहेगी। सरकार ने इस क्षेत्र की विशिष्ट बाजार आवश्यकताओं और आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए मौजूदा सीमा में कोई बदलाव नहीं किया है।

मंत्रालय के अनुसार कोलकाता की चीनी आपूर्ति व्यवस्था अन्य क्षेत्रों की तुलना में अलग है। कोलकाता उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों से चीनी प्राप्त करता है और इसके बाद पूर्वी भारत के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में भी इसकी आपूर्ति की जाती है। लंबी दूरी की आपूर्ति और बड़े वितरण क्षेत्र को देखते हुए कोलकाता और आसपास के महानगरीय इलाकों के लिए 4,000 क्विंटल की सीमा बनाए रखना जरूरी माना गया है।

सरकार का कहना है कि चीनी एक महत्वपूर्ण खाद्य वस्तु है और इसकी कीमतों तथा उपलब्धता का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इसलिए घरेलू बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु रखना आवश्यक है। भंडारण सीमा कम किए जाने से व्यापारियों द्वारा बड़ी मात्रा में चीनी रोककर रखने की संभावना कम होगी और बाजार में नियमित आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

सरकार ने व्यापारियों और संबंधित हितधारकों से संशोधित नियमों का पालन करने को कहा है। साथ ही बाजार में चीनी के स्टॉक और कीमतों पर निगरानी जारी रखने की बात कही गई है।

मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता, व्यवस्थित आपूर्ति और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि त्योहारी और बढ़ती मांग की अवधि में भी बाजार में चीनी की उपलब्धता बनी रहे और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कृत्रिम कमी या अनावश्यक मूल्य वृद्धि का सामना न करना पड़े।

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