बीजापुर। नक्सल विरोधी अभियान के तहत बीजापुर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। भोपालपटनम थाना क्षेत्र के ग्राम नीलमडगु के जंगल में नदी किनारे सुरक्षा बलों ने लावारिस हालत में छिपाकर रखा गया हथियार और गोला-बारूद का डंप बरामद किया है। यह सामग्री एक कटे हुए पेड़ के खोखले हिस्से के भीतर छिपाकर रखी गई थी। पुलिस की इस कार्रवाई से नक्सलियों के हथियारों को सुरक्षित स्थानों पर छिपाकर रखने की कोशिश को झटका लगा है।
पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को थाना भोपालपटनम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम नीलमडगु के जंगल में नदी किनारे संदिग्ध हथियार और अन्य सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संयुक्त सुरक्षा दल को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। टीम ने जंगल क्षेत्र में सावधानीपूर्वक सर्चिंग अभियान चलाया।
सर्चिंग के दौरान जवानों को एक कटे हुए पेड़ का खोखला हिस्सा संदिग्ध लगा। जब उसकी जांच की गई तो उसके भीतर छिपाकर रखे गए हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए। बरामद सामग्री में 12 बोर का एक देशी कट्टा, एक टूटी हुई बीजीएल राइफल, 8 बीजीएल सेल, 12 बोर के 10 जिंदा राउंड, देशी कट्टे के 3 सेल कैप, एक पेंचिस और एक पिट्ठू बैग शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने बरामद सभी सामग्री को विधिवत जब्त कर सुरक्षित कब्जे में लिया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। जंगलों में नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री के डंप की तलाश की जा रही है। हाल के दिनों में भी बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों के दौरान नक्सली डंप और हथियार बरामद किए हैं। इससे क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क की रसद व्यवस्था को कमजोर करने की दिशा में सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार जारी रहने का संकेत मिलता है।
नीलमडगु में हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बीजापुर उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में एसडीओपी भोपालपटनम घनश्याम कामड़े, थाना प्रभारी भोपालपटनम मुकेश पटेल, डीआरजी बीजापुर, बीडीएस टीम तथा थाना भोपालपटनम के जवान शामिल रहे। पुलिस ने बरामद हथियार एवं गोला-बारूद को नियमानुसार जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

बीजापुर पुलिस का कहना है कि नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। जंगलों में संदिग्ध गतिविधियों और नक्सली सामग्री के संभावित ठिकानों पर सुरक्षा बलों की निगरानी बढ़ाई जा रही है।
