नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने भविष्य निधि (पीएफ) ट्रस्टों के लिए एक महत्वपूर्ण माफी योजना शुरू की है। इसके तहत ऐसे पीएफ ट्रस्ट, जिन्हें आयकर अधिनियम के तहत मान्यता मिली हुई है, लेकिन कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत औपचारिक छूट आदेश नहीं मिला है, अपनी छूट की स्थिति को पूर्वव्यापी रूप से नियमित करा सकेंगे। यह सुविधा एक बार के अवसर के रूप में दी गई है।
ईपीएफ योजना 2026 में यह माफी प्रावधान संक्रमणकालीन उपाय के रूप में शामिल किया गया है। इसे 29 जून 2026 को अधिसूचित किया गया था। योजना का उद्देश्य ऐसे पीएफ ट्रस्टों को कानूनी और प्रक्रियात्मक स्थिति स्पष्ट करने का अवसर देना है, जो कर्मचारियों के भविष्य निधि का प्रबंधन तो कर रहे हैं, लेकिन उनकी औपचारिक छूट की स्थिति पूरी तरह नियमित नहीं है।
इस योजना के तहत पात्र पीएफ ट्रस्ट 28 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। यानी अधिसूचना जारी होने की तारीख से छह महीने तक यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। आवेदन की प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और अन्य प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं के संबंध में ईपीएफओ ने 11 जुलाई 2026 को विस्तृत परिपत्र जारी किया है।
माफी योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पात्र पीएफ ट्रस्टों की छूट प्राप्त स्थिति को पूर्वव्यापी आधार पर नियमित किया जा सकेगा। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत लागू कुछ शर्तों में भी राहत दी गई है। इनमें न्यूनतम कर्मचारियों की संख्या, भविष्य निधि कोष का न्यूनतम आकार और तीन वर्ष के अनुपालन से जुड़ी कुछ आवश्यकताएं शामिल हैं।
पूर्वव्यापी नियमितीकरण के बाद संबंधित प्रतिष्ठान अपनी सुविधा के अनुसार आगे छूट प्राप्त प्रतिष्ठान या गैर-छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन कर सकता है। इससे उन संस्थानों को अपनी भविष्य निधि व्यवस्था को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी, जिनकी छूट की स्थिति अब तक तकनीकी या प्रक्रियात्मक कारणों से स्पष्ट नहीं थी।
ईपीएफओ इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक संभावित लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। इसके लिए क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से हितधारकों को मार्गदर्शन दिया जा रहा है। ईपीएफओ ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के प्रमुख पेशेवर संगठन आईसीएआई से भी संपर्क किया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट कई प्रतिष्ठानों का वैधानिक और आयकर लेखापरीक्षण करते हैं तथा ऐसे पीएफ ट्रस्टों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जो इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
ईपीएफओ के उत्तर प्रदेश और कोलकाता क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा हितधारकों के लिए सेमिनार और कार्यशालाएं भी आयोजित की गई हैं। साथ ही, ईपीएफओ ने आयकर विभाग से आयकर अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त पीएफ ट्रस्टों का विवरण मांगा है, ताकि ऐसे ट्रस्टों की छूट और ईपीएफ कवरेज की स्थिति की उचित जांच की जा सके।

ईपीएफओ ने संबंधित संस्थानों से अपील की है कि वे इस एकमुश्त अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करें। योजना और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध 11 जुलाई 2026 के परिपत्र में दी गई है।
