सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की शिक्षिका सुनीता यादव को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 प्रदान किए। बरमकेला विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिचरी में पदस्थ सुनीता यादव ने शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, साहित्य और तकनीक के प्रभावी उपयोग के जरिए बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को सरल, सहज और रोचक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सुनीता यादव ने पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीक और रचनात्मक गतिविधियों को जोड़कर बच्चों को पढ़ाने के नए तरीके विकसित किए। उनका प्रयास रहा है कि बच्चे केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से विषयों को समझें और उनमें सीखने के प्रति रुचि विकसित हो।
शिक्षण में नवाचार और तकनीक के प्रयोग के साथ उन्होंने साहित्य को भी बच्चों की शिक्षा से जोड़ा। उनकी रचनात्मक पहल से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ाने और कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने में मदद मिली।
सुनीता यादव की इन पहलों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके समर्पण, नवाचार और बच्चों के अनुकूल शिक्षण पद्धति को देखते हुए शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सुनीता यादव का सम्मान न केवल सारंगढ़-बिलाईगढ़ बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। उनकी उपलब्धि प्रदेश के अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा में नवाचार, तकनीक और रचनात्मक तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
