रायपुर, 8 सितंबर 2026। राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद छत्तीसगढ़ और गुवाहाटी उच्च न्यायालय में न्यायाधीशों और अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में तीन न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, जबकि गुवाहाटी उच्च न्यायालय में दो नियुक्तियां अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में की गई हैं। नियुक्तियों की जानकारी केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी साझा की।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में संतोष शर्मा, सुषमा सावंत और सुधीर कुमार को न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। तीनों अब तक न्यायिक अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की आधिकारिक सूची में संतोष शर्मा कोरबा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सुषमा सावंत छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर की निदेशक और सुधीर कुमार रायपुर के परिवार न्यायालय में प्रधान न्यायाधीश के रूप में दर्ज हैं।
केंद्र सरकार द्वारा की गई यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 18 अगस्त 2026 की सिफारिश के बाद हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार नियुक्ति के समय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्वीकृत न्यायाधीश क्षमता 22 थी और अदालत 11 न्यायाधीशों के साथ कार्य कर रही थी। ऐसे में तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से उच्च न्यायालय में लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक कार्यों के संचालन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सुषमा सावंत और सुधीर कुमार छत्तीसगढ़ न्यायिक सेवा में लंबे समय से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। उच्च न्यायालय की आधिकारिक वरिष्ठता सूची में दोनों के वर्तमान पदों का उल्लेख है। वहीं संतोष शर्मा भी वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी के रूप में कोरबा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर कार्यरत रहे हैं।
इसी अधिसूचना के तहत गुवाहाटी उच्च न्यायालय में नचुम्बेमो मोझुई को अधिवक्ता के रूप में और हेलेन डाउंग्लिआनी को न्यायिक अधिकारी के रूप में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। यह नियुक्तियां भी राष्ट्रपति द्वारा संविधान में प्रदत्त शक्तियों के तहत और भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद की गई हैं।
हेलेन डाउंग्लिआनी का न्यायिक क्षेत्र से पुराना जुड़ाव रहा है। उपलब्ध न्यायिक अभिलेखों में उनका नाम गुवाहाटी उच्च न्यायालय की कार्यवाही में अतिरिक्त लोक अभियोजक के रूप में दर्ज मिलता है। इससे उनके लंबे कानूनी अनुभव का संकेत मिलता है।
उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति न्यायपालिका के कामकाज को सुचारु बनाए रखने और लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। छत्तीसगढ़ में तीन न्यायिक अधिकारियों को सीधे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए जाने से न्यायिक प्रशासन को अतिरिक्त मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं गुवाहाटी उच्च न्यायालय में दो अतिरिक्त न्यायाधीशों की नियुक्ति से वहां न्यायिक क्षमता बढ़ेगी।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी अधिसूचना के साथ इन नियुक्तियों की प्रक्रिया का औपचारिक चरण पूरा हो गया है। अब संबंधित उच्च न्यायालयों में पदभार ग्रहण और शपथ से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
