दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के दूसरे चरण में अक्टूबर से 34 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण

नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दीन दयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 2.0 के दूसरे चरण को गति दी जा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय अक्टूबर से अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशिक्षण के नए बैच शुरू करेगा। पहले चरण में 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,164 प्रशिक्षण बैचों के माध्यम से करीब 34 हजार 920 ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन बैचों की तैयारियों की समीक्षा की जा चुकी है।

पहले चरण में बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु सहित 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है। मंत्रालय के अनुसार इन राज्यों में अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होगा। इस चरण में 34,920 ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही 31 दिसंबर 2027 तक 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 3 लाख 57 हजार से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

दीन दयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना गरीब ग्रामीण परिवारों के युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण देने वाली केंद्र प्रायोजित योजना है। योजना के तहत युवाओं को उनकी रुचि और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण की अवधि सामान्यतः तीन से 12 महीने तक होती है और इसे रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाता है।

योजना के दूसरे चरण में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डिजिटल तकनीक का भी व्यापक उपयोग किया जा रहा है। मंत्रालय ने DDU-GKY 2.0 के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित किया है। यह पोर्टल परियोजना के पूरे जीवन-चक्र को डिजिटल माध्यम से संचालित करने में सहायता करेगा। इसके माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों के पंजीयन से लेकर प्रशिक्षण, मूल्यांकन, प्रमाणन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय का उद्देश्य योजना के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को केवल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी है। इसके लिए प्रशिक्षण संस्थानों और संभावित नियोक्ताओं के बीच समन्वय को मजबूत किया जा रहा है। रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को आधुनिक और उद्योग आधारित कौशल प्रदान करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

DDU-GKY 2.0 के तहत देश के विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना में पारदर्शी डिजिटल निगरानी और परिणाम आधारित व्यवस्था के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अधिक से अधिक ग्रामीण युवा रोजगार से जुड़ सकें।

ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अगले चरणों में भी विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रशिक्षण बैच शुरू किए जाएंगे, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं को रोजगारपरक कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा।

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