13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की प्रबल संभावना, निःशुल्क कोचिंग से साकार हो रहे डॉक्टर बनने के सपने
रायपुर, 19 जुलाई 2026/ सुकमा जैसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल जिले के विद्यार्थियों ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए नई मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने NEET-UG 2026 की क्वालिफाइंग कटऑफ पार कर जिले का नाम रोशन किया है। इनमें से 13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश मिलने की प्रबल संभावना है। यह सफलता सीमित संसाधनों के बीच मेहनत, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन और प्रशासन की पहल का सकारात्मक परिणाम मानी जा रही है।

सुकमा के अधिकांश विद्यार्थी आदिवासी और ग्रामीण परिवारों से आते हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना आसान नहीं होता। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर इन युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया। यहां विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग, नियमित शैक्षणिक मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और प्रतियोगी परीक्षाओं की रणनीतिक तैयारी का अवसर मिला। इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक NEET-UG में सफलता अर्जित की।
इस उपलब्धि पर वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सफलता साबित करती है कि यदि सही दिशा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निरंतर प्रयास मिलें तो दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं।
यह उपलब्धि जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर अमित कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर तथा जिला शिक्षा अधिकारी जी.आर. मंडावी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप तैयार किया गया। प्रशिक्षण प्रदाता संस्था कैंप एकेडमी के शिक्षकों सूरज सिंह, सोनम सिंह, निधि चौहान और रजनीश पटेल ने विषयवार अध्ययन, नियमित कक्षाओं और परीक्षा रणनीति के माध्यम से विद्यार्थियों को सफलता के लिए तैयार किया।
‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों की इस उपलब्धि ने जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति नया उत्साह पैदा किया है। यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी भौगोलिक सीमा या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यदि सही अवसर और मार्गदर्शन मिले तो सुदूर गांवों के विद्यार्थी भी डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में अपना भविष्य बना सकते हैं।
जिला प्रशासन ने NEET-UG 2026 में सफल सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर की यह उपलब्धि सुकमा में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव की प्रेरक कहानी बन गई है। कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले इस जिले के युवा आज अपने ज्ञान, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
