दुर्ग, 29 सितंबर 2026/ साइबर ठगी के लिए बैंक खातों के दुरुपयोग के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में इस्तेमाल किए जा रहे 14 म्यूल बैंक खातों के धारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की है। जांच के दौरान संबंधित बैंक खातों में करोड़ों रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पुलिस के अनुसार खाताधारकों ने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े बैंकिंग साधन दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर अपराध और म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना नेवई, थाना छावनी और एसीसीयू की टीम ने संदिग्ध बैंक खातों का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण किया। जांच में थाना नेवई क्षेत्र से जुड़े 11 और थाना छावनी क्षेत्र से जुड़े तीन खाताधारकों की भूमिका सामने आई। कुल 14 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
पुलिस जांच के अनुसार कुछ खाताधारकों ने करीब 2 हजार से 15 हजार रुपये तक के कमीशन या अन्य प्रतिफल के बदले अपने बैंक खाते अथवा उनसे जुड़े बैंकिंग साधन दूसरे व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम को प्राप्त करने, अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित करने और लेन-देन को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।
म्यूल बैंक खाता सामान्यतः ऐसा बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या समूह द्वारा अवैध धनराशि को प्राप्त करने और आगे स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। साइबर अपराधी ऐसे खातों का इस्तेमाल ठगी से प्राप्त रकम की वास्तविक गतिविधि और स्रोत को छिपाने के लिए कर सकते हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में भी खाताधारकों ने कमीशन के बदले अपने बैंकिंग साधन दूसरे लोगों को उपलब्ध कराए थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस ने बैंक खातों के लेन-देन, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर खाताधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की है।
थाना नेवई क्षेत्र में कार्तिक बाग, बबलू शाह, बलवंत सिंह, समीर साहनी, चन्द्रप्रकाश पाठक, यतेन्द्र धनकर, गुरजीत सिंह रंधावा, राकेश सेन, राकेश देवांगन, फैजल खान और रीता कुमारी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। थाना छावनी क्षेत्र में रवि भारती, रविन्द्र साहू और सुजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मामले में थाना छावनी के अपराध क्रमांक 626/2026 तथा थाना नेवई के अपराध क्रमांक 306/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) और 317(4) के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। पुलिस अब संबंधित खातों में हुए लेन-देन और उनसे जुड़े अन्य संभावित साइबर अपराधों की कड़ियों की जांच कर रही है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को कमीशन या अन्य लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड अथवा बैंकिंग संबंधी अन्य साधन इस्तेमाल के लिए उपलब्ध न कराएं। ऐसे साधनों का इस्तेमाल साइबर अपराध में होने पर खाताधारक भी जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।

पुलिस ने लोगों से कहा है कि यदि उन्हें संदेह हो कि उनके बैंक खाते या बैंकिंग साधनों का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा है, तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाने या आधिकारिक साइबर अपराध शिकायत माध्यम पर सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से संदिग्ध लेन-देन की जांच और साइबर ठगी की रकम को रोकने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
