रायपुर, 22 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं प्रख्यात बांस वादक विक्रम यादव के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री ने बुधवार सुबह विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार और आवश्यक सहयोग के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और उनके स्वास्थ्य को लेकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने राजनांदगांव कलेक्टर से भी दूरभाष पर चर्चा कर विक्रम यादव के उपचार की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार सभी जरूरी चिकित्सकीय सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ की पहचान नहीं हैं, बल्कि वे देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण प्रतिनिधि हैं। अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली और लोक कला के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी कला ने देश-विदेश में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं को नई पहचान दिलाई है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की लोक कला और संस्कृति को समृद्ध बनाने वाले कलाकार समाज की अमूल्य धरोहर हैं। ऐसे कलाकारों का संरक्षण और सम्मान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार लोक कलाकारों के कल्याण और उनके हितों के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अनूठी बांस वादन शैली के लिए प्रसिद्ध विक्रम यादव वर्तमान में अस्वस्थ हैं और उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं पहल करते हुए उनके परिजनों और जिला प्रशासन से चर्चा की तथा बेहतर उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने विक्रम यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके उपचार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार के बाद वे जल्द स्वस्थ होकर पुनः अपनी कला साधना के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में योगदान देंगे।
