केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा—राहुल गांधी संसद में चर्चा की मांग पर सहमत हुए, लेकिन बाद में अपनी बात से मुकर गए; कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी जोड़ी
नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री आवास के पास धरना देने पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्ष के कई नेताओं को पुलिस ने मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे हिरासत में ले लिया। इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे प्रधानमंत्री आवास के पास धरना शुरू किया था। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित प्रतिबंधों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया।

बताया गया कि धरने के दौरान सरकार की ओर से राहुल गांधी से बातचीत कर उन्हें वहां से हटने के लिए मनाने का प्रयास किया गया। करीब दो घंटे के दौरान राहुल गांधी से दो बार बातचीत हुई। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह मंत्री मोहन गोविंद मोहन ने भी राहुल गांधी से बातचीत कर धरना समाप्त करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से दावा किया कि बातचीत के दौरान राहुल गांधी की मुख्य मांग थी कि उन्हें संसद में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। सरकार की ओर से इस मांग पर सहमति जताए जाने के बाद राहुल गांधी धरना समाप्त करने के लिए तैयार हो गए थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी बात बदल दी।

जितेंद्र सिंह के अनुसार, राहुल गांधी ने बाद में कहा कि संसद में चर्चा की मांग के साथ शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी स्वीकार की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान सहमति बनने के बाद राहुल गांधी का अपनी बात से पीछे हटना उचित नहीं है।
दरअसल, लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के आसपास का क्षेत्र सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत प्रधानमंत्री आवास के आसपास निर्धारित क्षेत्र में प्रदर्शन और धरना देने की अनुमति नहीं होती। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने वहां पहुंचकर धरना शुरू कर दिया।
कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता कांग्रेस अध्यक्ष के आवास से प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास से कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं ने मीडिया को जानकारी दी कि वे वहीं धरने पर बैठेंगे।

इसके बाद पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने को लेकर काफी देर तक बातचीत होती रही। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र से हटने की अपील की, लेकिन कांग्रेस नेता धरना समाप्त करने को तैयार नहीं हुए। करीब आधे घंटे तक चले गतिरोध के बाद पुलिस ने राहुल गांधी समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया।
सरकार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित नियमों से जोड़कर देखा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने बातचीत के जरिए गतिरोध समाप्त करने का प्रयास किया और संसद में चर्चा की मांग पर सकारात्मक रुख भी अपनाया, लेकिन इसके बाद भी कांग्रेस की ओर से नई मांग रख दी गई।
इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के आसार हैं। कांग्रेस जहां अपने मुद्दों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रही है, वहीं सरकार का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संसद चर्चा और संवाद का सबसे उपयुक्त मंच है तथा सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए।
