नई दिल्ली/रायपुर। देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई के बीच बारिश और गरज-चमक का दौर अभी जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अक्टूबर को केरल, माहे, तमिलनाडु, पुदुच्चेरी, कराईकल, उत्तराखंड तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार इन क्षेत्रों में अगले एक-दो दिनों तक मौसम सक्रिय रह सकता है।
दक्षिण भारत में केरल और तमिलनाडु में बारिश की गतिविधियां विशेष रूप से सक्रिय रहने की संभावना है। IMD ने केरल में 8 से 10 अक्टूबर तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जबकि तमिलनाडु और पुदुच्चेरी क्षेत्र में भी 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसके बाद भी 11 से 14 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
पूर्वी और हिमालयी क्षेत्रों में भी मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश तथा गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है। IMD के अनुसार 9 अक्टूबर को भी इन क्षेत्रों में गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर भारी बारिश से जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
उत्तराखंड में भी 8 और 9 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने से स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की ताजा स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है।
छत्तीसगढ़ की बात करें तो राज्य में 8 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। IMD के ताजा उपखंडीय चेतावनी पूर्वानुमान में छत्तीसगढ़ के लिए 8 अक्टूबर को ‘Thunderstorm & Lightning, Squall etc.’ की चेतावनी है, जबकि 9 अक्टूबर से आगे किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद वातावरण में नमी और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में भी दिन के दौरान बादल बनने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज-चमक की गतिविधि देखने को मिल सकती है। हालांकि पूरे राज्य में व्यापक भारी बारिश की चेतावनी फिलहाल नहीं है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, असम, मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जबकि देश के कई अन्य क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के साथ मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की दिशा में बढ़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से विशेष रूप से आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है। किसानों और यात्रियों को भी स्थानीय मौसम चेतावनियों के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
