नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना आज 8 अक्टूबर को अपना 94वां स्थापना दिवस मना रही है। इस वर्ष वायु सेना दिवस की थीम ‘Indian Air Force – Infallible, Impervious and Precise’, यानी ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ रखी गई है। यह थीम भारतीय वायु सेना की परिचालन क्षमता, सतर्कता, आधुनिक तकनीक के उपयोग और किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारी को रेखांकित करती है। वायु सेना दिवस के अवसर पर देशभर में वायु योद्धाओं और उनके परिवारों के योगदान को याद किया जा रहा है।
वायु सेना दिवस की पूर्व संध्या पर आकाशवाणी के माध्यम से देश को संबोधित करते हुए वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना सतर्कता और दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ देश की रक्षा के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर ने एकीकृत हवाई अभियानों की निर्णायक क्षमता को फिर से स्थापित किया और देश की संप्रभुता की रक्षा करने में भारतीय वायु सेना की क्षमता तथा सामर्थ्य को प्रदर्शित किया।
वायु सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय वायु सेना लगातार अपनी युद्धक तैयारी को परख रही है और बदलती सुरक्षा परिस्थितियों के अनुरूप नई तकनीकों को तेजी से अपनी संचालन योजनाओं में शामिल कर रही है। इस दिशा में एक्सरसाइज वायुशक्ति, विभिन्न द्विपक्षीय अभ्यास, ड्रोनाथॉन और बहुपक्षीय हवाई अभ्यास तरंग शक्ति जैसी गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन अभ्यासों के माध्यम से वायु सेना विभिन्न परिस्थितियों में अपनी परिचालन क्षमता, संयुक्त अभियानों और तकनीकी दक्षता को मजबूत कर रही है।
वर्तमान में चल रहा तरंग शक्ति 2026 भी भारतीय वायु सेना के अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संयुक्त परिचालन क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह बहुपक्षीय हवाई अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश सहित सात मित्र देशों की वायु सेनाएं भाग ले रही हैं। अभ्यास में F-35, राफेल, F-16, A400M और विभिन्न परिवहन एवं एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग विमानों जैसी क्षमताओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।
वायु सेना प्रमुख ने हाल में यह भी कहा था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब भारतीय वायु सेना के विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रवेश कर रही है। आधुनिक युद्ध में ड्रोन, सेंसर, नेटवर्क, हथियार प्रणालियों और अन्य तकनीकों को अलग-अलग नहीं, बल्कि एकीकृत रूप से इस्तेमाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। आत्मनिर्भरता को भी वर्तमान सुरक्षा वातावरण में महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया गया है।
भारतीय वायु सेना केवल युद्धक अभियानों तक सीमित नहीं है। प्राकृतिक आपदा, मानवीय संकट और अन्य आपात परिस्थितियों में भी वायु सेना राहत एवं बचाव अभियानों के माध्यम से नागरिकों की सहायता करती रही है। वायु सेना प्रमुख ने अपने संदेश में कहा कि संकट के समय देश और मानवता की सेवा के लिए भारतीय वायु सेना हमेशा आगे आती रही है।
इस बीच सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला वायु सेना प्रमुख नियुक्त किया है। वह 31 अक्टूबर 2026 को एयर चीफ मार्शल के पद पर कार्यभार संभालेंगे, जब वर्तमान वायु सेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह सेवानिवृत्त होंगे।

भारतीय वायु सेना दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य नेताओं ने वायु योद्धाओं तथा उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी हैं। यह दिवस देश की वायु सीमाओं की रक्षा में भारतीय वायु सेना के साहस, अनुशासन, तकनीकी क्षमता और निरंतर तत्परता को सम्मान देने का अवसर है।
