सेवा भाव, संवेदनशीलता और तार्किक निर्णय के साथ निभाएं प्रशासनिक दायित्व : राज्यपाल
रायपुर, 22 जुलाई 2026। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ निर्वहन करना प्रत्येक प्रशासनिक अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में चुनौतियों के साथ नए अवसर भी मौजूद होते हैं। इसलिए अधिकारियों को हर परिस्थिति का सकारात्मक दृष्टिकोण से सामना करते हुए जनहित में निर्णय लेना चाहिए।
राज्यपाल बुधवार को लोकभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से चर्चा कर रहे थे। ये अधिकारी वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों ने अकादमी के महानिदेशक टी.सी. महावर के नेतृत्व में राज्यपाल से सौजन्य भेंट की।

राज्यपाल डेका ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक निर्णयों में मानवीय संवेदनाओं का समावेश होना बेहद आवश्यक है। प्रत्येक कार्य में मानवीय दृष्टिकोण होना चाहिए, ताकि शासन की योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक पहुंच सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनता के साथ नियमित संवाद स्थापित करें, अपने कार्यक्षेत्र का लगातार भ्रमण करें और लोगों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं और नियमों को लागू करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि शासन की सुविधाएं जरूरतमंद लोगों तक सही समय पर पहुंचें। जो कार्य संभव हैं, उन्हें प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। वहीं, यदि किसी कारणवश कोई कार्य संभव नहीं है तो संबंधित व्यक्ति को उसकी स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी दी जानी चाहिए। इससे प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है और शासन तथा जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित होते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तार्किक सोच, विवेकपूर्ण निर्णय और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निष्कर्ष निकालना अत्यंत आवश्यक है। एक सक्षम अधिकारी की पहचान उसके निर्णय लेने की क्षमता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण से होती है। उन्होंने कहा कि जनता को न्याय दिलाना प्रत्येक लोक सेवक का प्रथम कर्तव्य है और अधिकारियों को इसी भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे युवा हैं और उनके कंधों पर भविष्य के प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें अपने कार्यों के माध्यम से सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे शांत, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से विविध राज्य में सेवा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। यहां के लोगों में सेवा, सहयोग और आत्मीयता की भावना प्रबल है। इस विश्वास और अपनत्व को बनाए रखते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही एक सफल प्रशासनिक अधिकारी की वास्तविक पहचान होगी।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी की प्रशिक्षण निदेशक मेनका प्रधान सहित प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
