केंद्रीय मंत्रिमंडल के तीन बड़े फैसले: रेल कर्मियों को 78 दिन का बोनस, सामाजिक सहायता योजना जारी रहेगी, आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री को मंजूरी

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 14 अक्टूबर को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रेल कर्मचारियों, सामाजिक सुरक्षा और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े तीन महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल ने 11.40 लाख से अधिक रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता-आधारित बोनस देने, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम को पांच वर्षों तक जारी रखने और आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी रणनीतिक खरीदार को बेचने की मंजूरी दी है।

11.40 लाख से अधिक रेल कर्मियों को मिलेगा बोनस

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेल कर्मचारियों के लिए 2,009.61 करोड़ रुपये के उत्पादकता-आधारित बोनस (पीएलबी) को स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत 11,40,770 पात्र अराजपत्रित रेल कर्मचारियों को 78 दिनों के वेतन के बराबर बोनस दिया जाएगा। प्रत्येक पात्र कर्मचारी के लिए अधिकतम बोनस राशि 17,951 रुपये निर्धारित है।

इस निर्णय से रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, पर्यवेक्षक, तकनीशियन, तकनीशियन सहायक, पॉइंट्समैन, मंत्रालयीन कर्मचारी और अन्य ग्रुप सी कर्मचारी शामिल हैं।

रेलवे के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में माल ढुलाई 1,670 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, जबकि रेलवे ने लगभग 7.41 अरब यात्रियों को यात्रा कराई। कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने और कार्यक्षमता में निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह बोनस दिया जा रहा है।

पांच वर्षों तक जारी रहेगी सामाजिक सहायता योजना

मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कार्यक्रम का नया नाम प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना रखा गया है।

इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और परिवार लाभ जैसी सहायता व्यवस्थाएं शामिल हैं। योजना के अंतर्गत दिव्यांगजनों की पेंशन के लिए पात्रता, लाभार्थियों के दायरे और सहायता राशि में संशोधन भी स्वीकृत किया गया है। वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन तथा परिवार लाभ योजना को मौजूदा स्वरूप में जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

आईडीबीआई बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसके तहत कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी को रणनीतिक खरीदार के रूप में स्वीकृति दी गई है।

इस सौदे में भारत सरकार की 30.48 प्रतिशत और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी। कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 52,878.08 करोड़ रुपये से अधिक का खरीद मूल्य निर्धारित किया गया है। सौदे के बाद केंद्र सरकार के पास बैंक की 15 प्रतिशत और एलआईसी के पास 19 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। हालांकि, सौदे को पूरा करने के लिए संबंधित नियामकीय और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।

केंद्र सरकार के इन तीन निर्णयों से रेल कर्मचारियों को आर्थिक लाभ, करोड़ों लोगों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की निरंतरता और बैंकिंग क्षेत्र में बड़े रणनीतिक निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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