दिल्ली में पत्रकारों पर हमले की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने की कड़ी निंदा

रायपुर, कोरबा और बिलासपुर प्रेस क्लब के निंदा प्रस्ताव का भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर और जगदलपुर प्रेस क्लब ने किया समर्थन

कोरबा/रायपुर, 23 जुलाई 2026। नई दिल्ली के जंतर-मंतर में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई हिंसक घटनाओं की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने कड़ी निंदा की है। कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर आयोजित बैठक में रायपुर, बिलासपुर और कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्षों ने पत्रकारों पर हुए हमले को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर आघात बताया। इस निंदा प्रस्ताव का भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर और जगदलपुर प्रेस क्लब के अध्यक्षों ने भी समर्थन किया है।

बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में निंदा प्रस्ताव रखा। बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अभिजीत मिश्रा और कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान ने प्रस्ताव का समर्थन किया। बैठक में मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई हिंसा को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए ऐसी घटनाओं की एक स्वर में निंदा की।

पत्रकारों से मारपीट और उपकरणों को नुकसान पहुंचाने पर जताई चिंता

बैठक में वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि जंतर-मंतर पर कवरेज कर रहे पत्रकारों रोहित रंजन, देव कोटक, शेफाली, आर्यन आनंद, लोकेश ठाकुर सहित अन्य मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट, मोबाइल और घड़ी छीनने, कपड़े फाड़ने तथा पत्रकारिता के उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं बेहद निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए घटनाओं को समाज के सामने लाते हैं। ऐसे में उनके साथ हिंसा करना लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।

बैठक में इस बात पर भी गहरी चिंता व्यक्त की गई कि देश के अलग-अलग हिस्सों में पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी और दबाव की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पत्रकारों को स्वतंत्र और निर्भीक होकर अपना काम करने के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है।

दोषियों पर हो त्वरित और कठोर कार्रवाई

रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों पर हमला किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी पत्रकार को डराने या सच की आवाज को दबाने का प्रयास न किया जा सके।

सात प्रेस क्लब अध्यक्षों ने किया प्रस्ताव का समर्थन

बैठक में पारित निंदा प्रस्ताव की जानकारी भिलाई प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल गुप्ता, राजनांदगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, दुर्ग प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष मिश्रा, जगदलपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज गर्ग और कांकेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष योगेश सिन्हा को भी दी गई। सभी ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

सभी प्रेस क्लबों ने अपने-अपने स्तर पर भी इस संबंध में निंदा प्रस्ताव पारित करने की बात कही। प्रेस क्लब अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी और भय का वातावरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लब पीड़ित पत्रकारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और केंद्र सरकार तथा दिल्ली प्रशासन से दोषियों के खिलाफ शीघ्र और कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।

बैठक में ये रहे मौजूद

कोरबा में आयोजित बैठक में कोरबा प्रेस क्लब अध्यक्ष नौशाद खान, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष अभिजीत मिश्रा, रायपुर प्रेस क्लब कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, कोरबा प्रेस क्लब संरक्षक कमलेश यादव, वरिष्ठ पत्रकार एवं पदाधिकारी राजकुमार शाह, राकेश श्रीवास्तव, रमेश राठौड़, दिनेश राज, कृष्णा राठौर, ई. जयंत, सादिक शेख, आकाश शर्मा, बिलासपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवाई, निर्मल माणिक, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक्ष किशोर कुमार सिंह, सह सचिव हरिकृष्ण गंगवानी और कैलाश यादव सहित अन्य पत्रकार एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।

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