कहा-हमारे कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई से पहले पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष समीक्षा जरूरी
रायपुर, 23 जुलाई 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में बुधवार को कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुए घटनाक्रम को लेकर राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जबकि बाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दीपक बैज ने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद की शुरुआत किस ओर से हुई और हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस कार्यालय पर हमला हुआ है तो इसकी भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और किसी भी पक्ष के दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यालय के आसपास हुए प्रदर्शन के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से पत्थर, चप्पल, नारियल के खोल, पानी के पाउच और डंडे फेंके गए, जिससे कांग्रेस के कई कार्यकर्ता घायल हुए। दीपक बैज ने कहा कि इस घटना में कांग्रेस के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी है, जिनमें महिला कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर किया गया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है और ऐसी परिस्थितियों में पुलिस को दोनों पक्षों के बीच संतुलित तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुलिस की कार्रवाई की भी निष्पक्ष समीक्षा की जाए।

प्रदर्शन स्थल को लेकर भी उठाए सवाल
दीपक बैज ने कहा कि किसी भी राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी यह होती है कि कानून-व्यवस्था बनी रहे और दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति पैदा न हो। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा के प्रदर्शन को राजीव भवन के नजदीक अनुमति क्यों दी गई और क्या प्रशासन की ओर से संभावित तनाव को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन को राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों और विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की बेहतर योजना बनानी चाहिए। साथ ही, किसी भी पक्ष के कार्यकर्ताओं को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
मंत्रियों की मौजूदगी पर भी जताई आपत्ति
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन में राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों की मौजूदगी को लेकर भी कांग्रेस को आपत्ति है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों से अपेक्षा की जाती है कि वे कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को बनाए रखने में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच के बाद ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन विरोध और प्रदर्शन के दौरान हिंसा की स्थिति नहीं बननी चाहिए। कांग्रेस ने सरकार से आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए, ताकि किसी निर्दोष कार्यकर्ता के साथ अन्याय न हो और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जा सकें।
पत्रकार वार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं सह-प्रभारी एस.ए. सम्पत कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू तथा प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू उपस्थित थे। पत्रकार वार्ता के अंत में कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भी पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
