भोपाल, 17 अक्टूबर 2026। वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार को आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में सात राज्यों से आए युवाओं के साथ पौधारोपण किया और उनसे विभिन्न विषयों पर सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण, महिला सुरक्षा, सोशल मीडिया के उपयोग और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े सवाल पूछे, जिनका केंद्रीय मंत्री ने विस्तार से उत्तर दिया।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी
युवाओं को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सात राज्यों से आए माय भारत के स्वयंसेवकों से मिलकर उन्हें प्रसन्नता हुई। युवाओं और बच्चों के बीच रहना उनके लिए सबसे खुशी के अवसरों में से एक है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए रचनात्मक युवा शक्ति तैयार करने में माय भारत एक बड़ा मंच है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल अपने व्यक्तिगत हितों के लिए नहीं, बल्कि देश और समाज के लिए भी काम करने वाला जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें नागरिकों, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। युवाओं में रचनात्मक ऊर्जा, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना समय की आवश्यकता है। जब युवा अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों के साथ देश और समाज के हितों को भी प्राथमिकता देंगे, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। युवाओं के साथ इस प्रकार का संवाद उनके व्यक्तित्व, चरित्र और नागरिक कर्तव्यों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा सरकार के साथ समाज की भी जिम्मेदारी
महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बेटियों और महिलाओं का सम्मान तथा उनकी सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाने, अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और सुरक्षित वातावरण तैयार करने के लिए सरकार तथा समाज, दोनों स्तरों पर गंभीर प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, बहनों और बेटियों का भारतीय परिवार और संस्कृति में विशेष स्थान है। उनके विरुद्ध जघन्य अपराध करने वालों को कठोरतम दंड मिलना चाहिए, ताकि कानून का भय बना रहे। मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री रहते हुए मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों के लिए मृत्युदंड के प्रावधान से संबंधित कानून बनाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधों में कड़ी से कड़ी सजा जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि जघन्य अपराधों में न्याय मिलने की प्रक्रिया में होने वाली देरी पर विचार किया जाना चाहिए। कई मामलों में निचली अदालत के फैसले के बाद उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में अपील होती है। मृत्युदंड के मामलों में दया याचिका का विकल्प भी उपलब्ध रहता है। ऐसे मामलों में न्याय की प्रक्रिया को तेज करने के उपायों पर विचार जरूरी है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।

सोशल मीडिया का सोच-समझकर उपयोग करें युवा
सोशल मीडिया के उपयोग पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सोशल मीडिया सही जानकारी, ज्ञान और उपयोगी सूचनाओं को कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। लेकिन इसका गलत इस्तेमाल झूठी खबरों, अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार के कारण समाज में अशांति और अव्यवस्था भी पैदा कर सकता है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी अन्य सोशल मीडिया मंच पर कोई भी खबर अथवा संदेश साझा करने से पहले उसके तथ्यों की जांच जरूर करें। बिना सोचे-समझे संदेश आगे बढ़ाने से विवाद और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। सोशल मीडिया से दूरी बनाने के बजाय उसका उपयोग ज्ञान, सकारात्मक विचारों और उपयोगी सूचनाओं को साझा करने के लिए किया जाना चाहिए। प्रत्येक सूचना को विवेक और समझदारी के साथ परखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोच-समझकर उपयोग किया जाए तो सोशल मीडिया हमारी ताकत बन सकता है।

जनजातीय परिवारों की समस्याओं पर संवेदनशीलता से कार्रवाई जरूरी
कोसमी में जनजातीय परिवारों की समस्याओं और मांगों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जनजातीय भाई-बहनों ने अपनी पीड़ा, तकलीफ और परेशानियां मुख्यमंत्री के सामने रखी हैं। उनकी प्रमुख मांग थी कि उनकी बात को उचित तरीके से सुना जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें न्याय दिलाने का वचन दिया है। जनजातीय परिवारों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनना और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई करना आवश्यक है।
वंदे मातरम् के 150 गौरवशाली वर्षों के अवसर पर आयोजित इस युवा संवाद कार्यक्रम में पौधारोपण और सीधी बातचीत के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, महिला सुरक्षा तथा जिम्मेदार नागरिक व्यवहार के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
छत्तीसगढ़ की भागीदारी के संबंध में: उपलब्ध सरकारी जानकारी में इस कार्यक्रम में शामिल सात राज्यों की पूरी सूची स्पष्ट रूप से नहीं मिल सकी है। इसलिए छत्तीसगढ़ के युवाओं की भागीदारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
