लद्दाख में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने केंद्रशासित प्रदेश में पहले मेडिकल कॉलेज की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इस कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से पढ़ाई शुरू होने की संभावना है।

लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने इस फैसले को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से लद्दाख के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।
उपराज्यपाल ने कहा कि लद्दाख प्रशासन मेडिकल छात्रों के पहले बैच के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से शुरू की जा सकें।
इससे पहले, भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 18 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय की लेह पीठ का उद्घाटन किया था। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने लेह में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी और भारतीय प्रबंधन संस्थान, जम्मू यानी आईआईएम जम्मू के परिसर स्थापित करने को भी मंजूरी दी है।
इन पहलों का उद्देश्य लद्दाख के युवाओं को चिकित्सा, तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा क्षेत्र के शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
