339 मकान और 20 से अधिक पशुशालाएं नष्ट, 1,600 से अधिक बचावकर्मी राहत कार्यों में जुटे; बर्फबारी से अभियान प्रभावित होने की आशंका
तिब्बत, 23 अक्टूबर 2026। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 अन्य घायल हुए हैं। घायलों में 11 की हालत गंभीर बताई गई है। भूकंप के कारण सैकड़ों मकान ढह गए और कई पशुशालाएं नष्ट हो गईं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, भूकंप का असर नागकू क्षेत्र में विशेष रूप से महसूस किया गया। तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं।
भूकंप के केंद्र और उसकी गहराई को लेकर अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर बताया गया है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और चीन के भूकंप निगरानी केंद्र की रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में शक्तिशाली भूकंपीय गतिविधि दर्ज की गई। प्रभावित क्षेत्र की अधिक ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
339 मकान और 20 से अधिक पशुशालाएं नष्ट
नागकू के मीडिया कार्यालय के अनुसार, भूकंप से 339 मकान और 20 से अधिक पशुशालाएं नष्ट हो गई हैं। कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत शिविरों में लोगों के लिए अस्थायी आवास, बिस्तर, गर्म कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
1,600 से अधिक बचावकर्मी राहत अभियान में जुटे
प्रभावित क्षेत्रों में 1,600 से अधिक बचावकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस, अग्निशमन दल और चिकित्सा टीमें राहत कार्यों में लगी हैं। बचावकर्मी क्षतिग्रस्त इमारतों की जांच कर रहे हैं और जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचा रहे हैं।
भूकंप के कारण कुछ इलाकों में संचार सेवाएं बाधित होने की खबर है। सुरक्षा के मद्देनजर रेल सेवाओं को भी अस्थायी रूप से रोके जाने की जानकारी सामने आई है। कुछ मार्गों पर चट्टानें खिसकने और भूस्खलन की आशंका के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है।
बर्फबारी और दोबारा झटकों की आशंका से बढ़ी चुनौती
भूकंप के बाद क्षेत्र में छोटे झटके महसूस किए जाने की खबर है। मौसम विभाग की ओर से प्रभावित इलाके में रुक-रुककर बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। अत्यधिक ऊंचाई, कम तापमान और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्यों में बाधा आने की आशंका है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।

तिब्बत भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है। जनवरी 2025 में भी तिब्बत के डिंगरी क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप से भारी जनहानि हुई थी। मौजूदा आपदा के बाद प्रशासन के सामने घायलों को उपचार उपलब्ध कराने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय देने और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने की चुनौती है।
