44वीं वाहिनी आईटीबीपी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने पदगुंडा-करसेनार के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में चलाया सघन सर्च अभियान
नारायणपुर। जिले में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए संयुक्त सुरक्षा बलों का सर्च अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में 25 जुलाई 2026 को सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। थाना ओरछा क्षेत्र के अंतर्गत कैंप पदमेटा से पदगुंडा-करसेनार की ओर निकली 44वीं वाहिनी आईटीबीपी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियार और अन्य सामग्री का डंप बरामद किया है।

नक्सल मुक्त क्षेत्रों में लगातार जारी है सर्च अभियान
नारायणपुर जिले के नक्सल मुक्त हुए क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा की स्थिति को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। इन अभियानों का प्रमुख उद्देश्य नक्सलियों द्वारा पूर्व में जंगल और दुर्गम इलाकों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और अन्य सामग्री को बरामद करना है, ताकि भविष्य में इनका इस्तेमाल किसी हिंसक गतिविधि में न किया जा सके।
पदमेटा कैंप से पदगुंडा-करसेनार की ओर निकली टीम
इसी क्रम में 25 जुलाई को कैंप पदमेटा से उत्तर दिशा में स्थित ग्राम पदगुंडा-करसेनार के जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में संयुक्त सुरक्षा बलों ने सघन सर्च अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान जवानों को संदिग्ध स्थान पर नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया एक डंप मिला। सुरक्षा बलों ने मौके से हथियार, कारतूस, मोर्टार शेल और अन्य सामग्री बरामद कर उसे नियमानुसार जब्त कर लिया।
12 बोर रायफल और 55 कारतूस बरामद
सर्च अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक नग 12 बोर रायफल और 12 बोर के 55 कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा चार नग 51 मिलीमीटर स्थानीय रूप से निर्मित मोर्टार शेल भी बरामद किए गए हैं। सुरक्षा बलों की सतर्कता और लगातार जारी अभियान के चलते यह महत्वपूर्ण बरामदगी संभव हो सकी है।

लोहे के भाले और अन्य सामग्री भी मिली
बरामद डंप से हथियार और विस्फोटक सामग्री के अलावा 25 नग लोहे के भाले, एक नग बैटरी और एक नग स्टील कंटेनर भी बरामद किया गया है। इसके साथ ही प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी का एक झंडा भी सुरक्षा बलों को मिला है। बरामद सभी सामग्रियों को नियमानुसार जब्त कर लिया गया है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के बाद भी अभियान जारी
नारायणपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियानों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इसके बावजूद सुरक्षा बल किसी भी संभावित खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं। पूर्व में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी के लिए जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।
पुनः नक्सली गतिविधियों को रोकना प्राथमिकता
सुरक्षा बलों का उद्देश्य नक्सल गतिविधियों की किसी भी संभावित पुनरावृत्ति को रोकना और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाए रखना है। इसके लिए संवेदनशील और नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी के साथ ही लगातार सूचना आधारित अभियान भी संचालित किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
पुलिस ने नागरिकों से की सतर्क रहने की अपील
नारायणपुर पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, गतिविधि अथवा नक्सल संबंधी सूचना मिलती है तो इसकी जानकारी तत्काल निकटतम थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। पुलिस ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से सुरक्षा बलों का सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल साझा करने की अपील की है।
