नारायणपुर पुलिस की साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई, तीन मामलों में 6 आरोपी गिरफ्तार; 7 अन्य को नोटिस

कॉल फॉरवर्डिंग, फर्जी भुगतान संदेश और डराकर ठगी करने के मामले उजागर, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा तक पहुंची पुलिस की कार्रवाई

तीन प्रकरणों में 1.81 लाख रुपये से अधिक की ठगी, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण से आरोपियों की पहचान

नारायणपुर। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए नारायणपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए थाना छोटे डोंगर और थाना झाराघाटी के तीन अलग-अलग मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन प्रकरणों में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा से जुड़े कुल 13 आरोपियों की पहचान की है। इनमें से सात अन्य आरोपियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए हैं। पुलिस मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर मामलों की विवेचना कर रही है।

पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय कुमार, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस छोटे डोंगर मनोज मंडावी तथा साइबर नोडल अधिकारी डीएसपी आशीष कुमार नेताम के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी छोटे डोंगर हरिशंकर ध्रुव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने विभिन्न राज्यों में आरोपियों की तलाश कर वैधानिक कार्रवाई की।

कॉल फॉरवर्डिंग से 10 हजार रुपये की ठगी

थाना छोटे डोंगर के अपराध क्रमांक 19/2026 में कॉल फॉरवर्डिंग के माध्यम से 10,000 रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया। पुलिस ने विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तरप्रदेश के बलिया निवासी रितेश गुप्ता को गिरफ्तार किया। इस मामले में कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ठगी किए जाने के तरीके की जांच की जा रही है।

फोन-पे के फर्जी संदेश से 71,606 रुपये की ठगी

थाना छोटे डोंगर के अपराध क्रमांक 20/2026 में ठगी का तरीका और भी अलग था। पुलिस के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने पीड़ित को फोन कर खुद को परिचित बताया और फोन-पे के माध्यम से 50,000 रुपये भेजने की बात कही। इसके बाद पीड़ित के मोबाइल पर 50,000 रुपये प्राप्त होने का फर्जी संदेश भेजा गया और रकम वापस करने के लिए कहा गया।

पीड़ित ने संदेश पर भरोसा कर राशि वापस भेज दी। इसके बाद आरोपी ने रकम वापस आने का झांसा देकर मोबाइल पर बताई गई विभिन्न प्रक्रियाएं पूरी करने को कहा। इस दौरान पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग बार रकम कटती रही और कुल 71,606 रुपये की ठगी हो गई।

पीड़ित की शिकायत पर साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

इस प्रकरण में मध्यप्रदेश के रमेश साहू, आकाश रावत और अजय परिहार तथा हरियाणा के नूंह जिले के मोहम्मद अरमान खान को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर मध्यप्रदेश और हरियाणा में दबिश दी। पुलिस के अनुसार, मोहम्मद अरमान खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में हैं। इस प्रकरण में सात अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

डराकर एक लाख रुपये ऐंठने का मामला

थाना झाराघाटी के अपराध क्रमांक 03/2026 में ग्राम महीमा गवाड़ी क्षेत्र में डराकर एक लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के निवासी राजा भैया लोधी को गिरफ्तार किया है। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) तथा 66(डी) के तहत कार्रवाई की गई है।

साइबर ठगी से बचने पुलिस की अपील

नारायणपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय न करें। खाते में रकम प्राप्त होने का संदेश मिलने पर बैंक खाते में वास्तविक लेनदेन की पुष्टि अवश्य करें और बिना सत्यापन के पैसे वापस न भेजें। किसी के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने कहा है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें। पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों में आगे की विवेचना जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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