नगरनार स्टील प्लांट ने रचा नया कीर्तिमान, एक दिन में 455 हॉट रोल्ड कॉइल्स का रिकॉर्ड उत्पादन

स्थापना के बाद 24 घंटे में अब तक का सर्वाधिक उत्पादन, दो दिन पहले बना 440 कॉइल्स का रिकॉर्ड भी टूटा

वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन में 63 प्रतिशत की वृद्धि, आत्मनिर्भर भारत और घरेलू इस्पात उद्योग को मिलेगी मजबूती

बस्तर के नगरनार से देश के औद्योगिक विकास को नई गति, आधुनिक तकनीक और कुशल कार्यबल ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

रायपुर, 04 नवंबर 2026/ छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित एनएमडीसी स्टील लिमिटेड के नगरनार स्टील प्लांट ने उत्पादन के क्षेत्र में एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित इस अत्याधुनिक एकीकृत इस्पात संयंत्र ने 3 नवंबर 2026 को मात्र 24 घंटे में 455 हॉट रोल्ड (एचआर) कॉइल्स का उत्पादन कर अपनी स्थापना के बाद से अब तक का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन दर्ज किया है। यह उपलब्धि न केवल संयंत्र की तकनीकी क्षमता और परिचालन दक्षता को दर्शाती है, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख इस्पात उत्पादन केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नगरनार स्टील प्लांट की इस उपलब्धि ने इसी महीने बनाए गए पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि 1 नवंबर 2026 को संयंत्र की हॉट स्ट्रिप मिल में एक दिन में 440 एचआर कॉइल्स का उत्पादन किया गया था। इसके महज दो दिन बाद ही उत्पादन बढ़कर 455 कॉइल्स तक पहुंच गया। इस प्रकार संयंत्र ने अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नई उपलब्धि हासिल की है।

इस उपलब्धि के पीछे हॉट स्ट्रिप मिल की आधुनिक तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रबंधन और तकनीकी कर्मचारियों की दक्षता की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। निरंतर उत्पादन प्रक्रिया, मशीनों का प्रभावी संचालन और कार्यबल के समन्वित प्रयासों से संयंत्र अपनी उत्पादन क्षमता में लगातार सुधार कर रहा है। यह प्रदर्शन औद्योगिक उत्पादन में तकनीकी नवाचार और मानव संसाधन की कार्यकुशलता के बेहतर समन्वय का उदाहरण है।

एक वर्ष में उत्पादन में 63 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि

नगरनार स्टील प्लांट की उपलब्धि केवल एक दिन के रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान संयंत्र ने कुल 23,24,902 टन हॉट रोल्ड कॉइल्स का उत्पादन किया। यह वित्त वर्ष 2024-25 में दर्ज 14,38,646 टन उत्पादन की तुलना में लगभग 63 प्रतिशत अधिक है। उत्पादन में यह उल्लेखनीय वृद्धि संयंत्र की बढ़ती परिचालन क्षमता और इस्पात निर्माण के क्षेत्र में मजबूत होती स्थिति को प्रदर्शित करती है।

तीन मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाला अत्याधुनिक संयंत्र

एनएमडीसी स्टील लिमिटेड का नगरनार संयंत्र लगभग 24 हजार करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया गया है। इसकी वार्षिक तरल इस्पात उत्पादन क्षमता 30 लाख टन है, जबकि हॉट रोल्ड कॉइल्स के उत्पादन की वार्षिक क्षमता लगभग 28.9 लाख टन है। संयंत्र में अत्याधुनिक ब्लास्ट फर्नेस, स्टील मेल्टिंग शॉप, थिन स्लैब कास्टर और हॉट स्ट्रिप मिल जैसी आधुनिक उत्पादन सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसकी प्रमुख विशेषताओं में 4506 घन मीटर क्षमता वाला विशाल ब्लास्ट फर्नेस भी शामिल है।

संयंत्र में तैयार होने वाले हॉट रोल्ड स्टील का उपयोग विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाता है। इससे पाइप, पुल, इस्पात संरचनाएं, भंडारण टैंक, रेलवे वैगन, ऑटोमोबाइल के पुर्जे, एलपीजी सिलेंडर और भारी इंजीनियरिंग उपकरणों के निर्माण में सहायता मिलती है। संयंत्र में विभिन्न गुणवत्ता एवं श्रेणियों के इस्पात उत्पाद तैयार करने की क्षमता है, जिससे घरेलू उद्योगों की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बस्तर की महत्वपूर्ण भूमिका

नगरनार स्टील प्लांट की बढ़ती उत्पादन क्षमता देश की घरेलू इस्पात आवश्यकताओं को पूरा करने और आयात पर निर्भरता कम करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को मजबूती प्रदान करती है। संयंत्र को बैलाडीला की लौह अयस्क खदानों से भी रणनीतिक लाभ मिलता है, जो इससे लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

उत्पादन के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा नगरनार स्टील प्लांट बस्तर के औद्योगिक विकास की नई पहचान बन रहा है। इससे छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय औद्योगिक क्षेत्र में भूमिका मजबूत होने के साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। 455 एचआर कॉइल्स का एक दिन में उत्पादन इस बात का संकेत है कि आधुनिक तकनीक, कुशल कार्यबल और बेहतर प्रबंधन के समन्वय से नगरनार संयंत्र देश के इस्पात क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *