प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल का दूरदर्शी निर्णय, अग्निवीरों के अनुभव और कौशल का राष्ट्रहित में होगा बेहतर उपयोग
चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा के बाद दो वर्ष और देशसेवा का मिलेगा अवसर, नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का भी खुलेगा रास्ता
युवाओं को राष्ट्रसेवा के साथ सैन्य क्षेत्र में आगे बढ़ने के मिलेंगे नए अवसर : मुख्यमंत्री
रायपुर, 04 नवंबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अग्निवीरों के लिए दो वर्ष के अतिरिक्त ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को स्वीकृति दिए जाने के निर्णय का हार्दिक स्वागत करते हुए इसे अभिनंदनीय एवं दूरदर्शी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित युवाओं के अनुभव, कौशल और सामर्थ्य का बेहतर उपयोग करने के साथ ही उन्हें सैन्य सेवा में आगे बढ़ने के नए अवसर प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस निर्णय से अग्निवीरों को चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा पूरी करने के बाद दो वर्ष तक और भारतीय सशस्त्र सेनाओं में सेवा करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें सैन्य प्रशिक्षण और कार्यानुभव को और अधिक विकसित करने तथा अपनी क्षमताओं को साबित करने का अतिरिक्त समय मिलेगा। निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने वाले इच्छुक अग्निवीरों के लिए नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का भी रास्ता खुल सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। अग्निवीरों के लिए अतिरिक्त सेवा अवधि का प्रावधान इसी सोच का परिणाम है। इससे सैन्य बलों को प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी मानव संसाधन का लाभ मिलेगा तथा युवाओं का मनोबल भी बढ़ेगा।
क्या है केंद्र सरकार का नया निर्णय?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी है। इस निर्णय की जानकारी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने नई दिल्ली में दी। पहले अग्निवीरों के लिए चार वर्ष की सेवा अवधि निर्धारित थी। इसके बाद प्रदर्शन और निर्धारित मानदंडों के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में शामिल करने का प्रावधान था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त होना था।
नई व्यवस्था के तहत नियमित सेवा में चयनित होने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों का प्रावधान यथावत रहेगा। शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा का अवसर दिया जाएगा। इस प्रकार उन्हें कुल छह वर्ष तक सैन्य सेवा से जुड़े रहने का अवसर मिल सकेगा। अतिरिक्त सेवा अवधि के दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक देने का भी प्रावधान बताया गया है।
दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा पूरी होने के बाद नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के आधार पर अवसर दिया जाएगा। इसका अर्थ है कि नियमित सेवा में शामिल होना स्वतः सुनिश्चित नहीं होगा, बल्कि निर्धारित पात्रता और चयन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
अग्निपथ योजना की पृष्ठभूमि और बदलती व्यवस्था
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना को युवा, आधुनिक तकनीक से परिचित और अधिक सक्षम बनाना था। इस योजना के अंतर्गत चयनित युवाओं को अग्निवीर के रूप में चार वर्ष तक सेवा करने का अवसर दिया जाता है। प्रशिक्षण के साथ उन्हें सैन्य अनुशासन, शारीरिक दक्षता, तकनीकी ज्ञान और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिलता है।
पहले बैच के अग्निवीरों की चार वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने के करीब आने के साथ ही केंद्र सरकार ने योजना की समीक्षा की। सैन्य बलों से प्राप्त अनुभव और अग्निवीरों के प्रदर्शन के आकलन के बाद अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा का निर्णय लिया गया है। लगभग 18,300 अग्निवीर इस वर्ष अपनी प्रारंभिक सेवा अवधि पूरी करने वाले हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित युवाओं के मनोबल को नई ऊंचाई प्रदान करेगा। यह निर्णय युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और सैन्य अनुभव का राष्ट्रहित में उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
