सरहुल-करमा की थाप पर झूम उठा लोकरंग पर्व, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा समापन

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने वाले तीन दिवसीय ‘लोकरंग पर्व’ का तीसरा एवं अंतिम दिन सरगुजा-जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति के नाम रहा।…

लोकसुरों में गूंजा छत्तीसगढ़ का लोकमन, ‘लोरिक चंदा’ से ददरिया-चंदैनी तक बिखरी संस्कृति की रंगत

रायपुर, 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू, लोकजीवन की सहज संवेदनाएं और पीढ़ियों से चली आ रही लोकपरंपराओं के रंगों से ‘लोकरंग पर्व’ का दूसरा दिन सराबोर रहा।…

लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का ‘लोकरंग पर्व’

रायपुर, 5 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगाथाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘विभागीय आयोजन 2026’ के अंतर्गत…

गुदुम बाजा और मोहरी की पारंपरिक धुनों से सजा ‘रंग-तरंग’ का दूसरा दिन, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

रायपुर, 2 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक लोकवाद्यों और लोक कलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियों से तीन दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन ‘रंग-तरंग’ का दूसरा दिन जीवंत हो उठा। लोकवाद्य…

कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी पढ़ेंगे छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति के पाठ

रायपुर, 24 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ के स्कूली विद्यार्थी अब कक्षा 6वीं से 12वीं तक स्थानीय कला, संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन से जुड़े विशेष पाठ पढ़ेंगे। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को…

दुर्ग में ‘इतवारी चीला तिहार’ की धूम, लोक संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों से सजा महोत्सव

दुर्ग। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं में चीला तिहार का विशेष स्थान है। हरेली पर्व के बाद मनाए जाने वाले इस पारंपरिक उत्सव की झलक दुर्ग जिले के ग्राम पाउवारा…

डॉ. आनंदसिंह चौहान को मानद डॉक्टरेट, दिल्ली में हुआ छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति का सम्मान

रायपुर, 21 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और मनोरंजन जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रख्यात कलाकार एवं तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. आनंदसिंह चौहान को उनकी बहुमूल्य सेवाओं…

हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री निवास में साकार हुई छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी

छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, लोकगीतों की स्वर लहरियां, मांदर की थाप, गेड़ी का उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू – प्रदेश के प्रथम लोक पर्व…