नई दिल्ली, 03 अगस्त 2026। ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के छह लाभार्थियों को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ये युवा पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, मिजोरम और नागालैंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
चयनित लाभार्थियों को भारतीय डाक के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस समारोह के आधिकारिक आमंत्रण पत्र प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के लाल किले पर आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के साथ राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘एट होम’ समारोह में भी भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।

इन ग्रामीण युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजनों में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाना केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि का सम्मान नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास, स्थायी आजीविका और सम्मानजनक रोजगार के क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलाव की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान भी है। इन युवाओं की उपलब्धि देशभर के करोड़ों ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का प्रमुख प्लेसमेंट-लिंक्ड कौशल विकास कार्यक्रम है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण गरीब युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण, राष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रमाणन और सम्मानजनक एवं स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

योजना के माध्यम से देशभर में लाखों ग्रामीण युवाओं को दीर्घकालिक आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। इससे ग्रामीण युवा आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनने के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बन रहे हैं। डीडीयू-जीकेवाई यह संदेश देती है कि कौशल विकास केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सम्मानजनक करियर, स्थायी आजीविका और आत्मविश्वासपूर्ण जीवन की आधारशिला भी है।
छह लाभार्थियों का राष्ट्रीय समारोहों में विशेष अतिथि के रूप में चयन योजना की प्रभावशीलता और ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा को मिली व्यापक पहचान को दर्शाता है। यह उपलब्धि चयनित युवाओं की मेहनत और संकल्प के साथ-साथ संबंधित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों, परियोजना कार्यान्वयन एजेंसियों और ग्रामीण विकास मंत्रालय के निरंतर मार्गदर्शन एवं समन्वित प्रयासों का परिणाम है।

यह सम्मान देश के ग्रामीण युवाओं में नई उम्मीद और आत्मविश्वास पैदा करेगा। साथ ही यह विश्वास मजबूत होगा कि कौशल अवसरों का निर्माण करता है, स्थायी आजीविका आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करती है और सशक्त युवा विकसित भारत के निर्माण को गति देते हैं।
