नई दिल्ली, 3 अगस्त 2026। ग्लासगो में लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया से मुलाकात की। इस अवसर पर सिंधिया ने मीराबाई चानू को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके दृढ़ संकल्प, अनुशासन तथा निरंतर मेहनत की सराहना की।

सिंधिया ने मीराबाई चानू की सफलता को देशभर के लाखों युवा खिलाड़ियों, विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि मीराबाई चानू ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत और समर्पण के बल पर भारतीय खेल जगत में एक अलग पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देती रहेगी।
मुलाकात के दौरान मीराबाई चानू ने अपने खेल सफर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सामने आई चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। सिंधिया ने उनसे प्रशिक्षण दिनचर्या, पोषण, फिटनेस और बेहतर प्रदर्शन के लिए पर्याप्त आराम एवं नींद के महत्व पर भी बातचीत की।

केंद्रीय मंत्री ने मीराबाई चानू के कोच, प्रशिक्षक और फिजियोथेरेपिस्ट के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय खेल उपलब्धियां केवल खिलाड़ी की व्यक्तिगत प्रतिभा से हासिल नहीं होतीं, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और मजबूत सहयोग प्रणाली की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
सिंधिया ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की योजनाओं और क्षेत्र में व्यापक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने उच्च स्तरीय कार्यबल के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि मंत्रालय ‘एक राज्य, एक खेल’ पहल पर विशेष ध्यान दे रहा है। इसके तहत पूर्वोत्तर के प्रत्येक राज्य को उन खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनमें संबंधित राज्य को स्वाभाविक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त है। इनमें भारोत्तोलन, तीरंदाजी और फुटबॉल जैसे खेल प्रमुख रूप से शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेल विकास की दिशा में सरकार का उद्देश्य केवल स्टेडियम और भौतिक ढांचा तैयार करना नहीं है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, बेहतर पोषण और आवश्यक खिलाड़ी सहायता उपलब्ध कराना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनके अपने क्षेत्र में ही उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण और विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी, तो उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

सिंधिया ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें पहचानने, तराशने और सही अवसर उपलब्ध कराने की है। विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और मजबूत सहायता प्रणाली के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र को मीराबाई चानू जैसी अनेक प्रतिभाओं को तैयार करना होगा।
मीराबाई चानू के प्रशिक्षक विजय शर्मा ने भी पूर्वोत्तर क्षेत्र के खिलाड़ियों की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल जमीनी स्तर पर मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के विजन के अनुरूप सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। प्रतिभा विकास, उत्कृष्ट कोचिंग और खिलाड़ी सहायता में निवेश के साथ पूर्वोत्तर की खेल क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने पर जोर दिया गया।
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