गुजरात में 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे प्रधानमंत्री मोदी, पीएम-किसान की 24वीं किस्त भी होगी जारी

अहमदाबाद मेट्रो के दो विस्तारों की रखेंगे आधारशिला, 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में पहुंचेंगे 18,690 करोड़ रुपये, भारत पर्व-2026 का करेंगे शुभारंभ

अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे बनासकांठा में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही देशभर के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त जारी करेंगे। इसके तहत 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचाई जाएगी।

प्रधानमंत्री अपने दौरे की शुरुआत बनासकांठा में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक एवं इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (ईटी-आईवीएफ) प्रयोगशाला तथा भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीबीबीआरसी) के पशु फार्म के निरीक्षण से करेंगे। भिलड़ी में 127 एकड़ में विकसित यह केंद्र पशुओं की नस्ल सुधार, आनुवंशिक गुणवत्ता बढ़ाने और आधुनिक प्रजनन तकनीकों को प्रोत्साहित करने के लिए स्थापित किया गया है। यह विशेष रूप से कांकरेज नस्ल के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यहां उन्नत तकनीकों से नस्ल सुधार की प्रक्रिया 10 से 20 गुना तक तेज करने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री बनास डेयरी की ओर से थराद और राधनपुर में स्थापित किए जाने वाले दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे। इन संयंत्रों में प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन गोबर का प्रसंस्करण किया जा सकेगा। इससे पशुपालन से जुड़े अपशिष्ट का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

अहमदाबाद मेट्रो के दूसरे चरण के अंतर्गत दो महत्वपूर्ण विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी जाएगी। इनमें एयरपोर्ट विस्तार (फेज-2ए) और गिफ्ट सिटी विस्तार (फेज-2बी) शामिल हैं। एयरपोर्ट विस्तार मार्ग की लंबाई छह किलोमीटर से अधिक होगी, जबकि गिफ्ट सिटी विस्तार 3.3 किलोमीटर से अधिक का होगा। इसके अतिरिक्त अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क को चार लेन से आठ लेन में उन्नत करने के लिए लगभग 2,600 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा।

कृषि क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री कृषि अधोसंरचना निधि के अंतर्गत पूर्ण हो चुकी 521 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन परियोजनाओं पर लगभग 4,950 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इनमें कोल्ड स्टोरेज, गोदाम, साइलो, ग्रीनहाउस, पॉलीहाउस और कृषि प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं। इसके साथ ही 12 बागवानी क्लस्टरों में जमीनी स्तर पर गतिविधियों की शुरुआत होगी। लगभग 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले इन क्लस्टरों से 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

गुजरात में बाल हितैषी आंगनबाड़ी केंद्रों के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल होगी। प्रधानमंत्री 4,030 नए आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे और 361 पूर्ण हो चुके केंद्रों का उद्घाटन करेंगे। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस पहल से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त सानादर में आलू प्रसंस्करण संयंत्र के विस्तार का उद्घाटन और पालनपुर में स्वचालित भंडारण प्रणाली का शुभारंभ किया जाएगा।

रेल संपर्क को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस तथा मेहसाणा-बेचराजी-साबरमती मेमू रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे।

दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री केवड़िया स्थित एकता नगर पहुंचकर शाम पांच बजे भारत पर्व-2026 का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा। इसमें देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की लोककलाओं, सांस्कृतिक परंपराओं, हस्तशिल्प, खानपान और पर्यटन स्थलों की झलक देखने को मिलेगी। इसके बाद वे एकता प्रकाश पर्व और नर्मदा आरती में भी शामिल होंगे।

31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस अवसर पर एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया जाएगा। इनमें सीवेज एवं जल शोधन संयंत्र, नर्मदा घाट का उन्नयन, भवनों पर विशेष रोशनी की व्यवस्था, वर्षा वन परियोजना और पर्यटन सुविधाओं का विकास शामिल है।

प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भी शामिल होंगे। समारोह में विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्य पुलिस बलों की टुकड़ियां एकता परेड में हिस्सा लेंगी। यह दो दिवसीय दौरा कृषि, पशुपालन, परिवहन, शहरी अधोसंरचना और पर्यटन विकास के साथ राष्ट्रीय एकता के संदेश को भी मजबूत करने वाला होगा।

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