वन विभाग की तत्परता से दुर्लभ पैंगोलिन का सुरक्षित रेस्क्यू, आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा गया

रायपुर, 3 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मोहला तहसील अंतर्गत ग्राम कुंजंटोला में वन विभाग की टीम ने एक दुर्लभ और संरक्षित वन्यप्राणी पैंगोलिन का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित आरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार रविवार को ग्राम कुंजंटोला निवासी जयंत कुमार के घर में पैंगोलिन के घुस आने की सूचना वन विभाग को मिली। सूचना प्राप्त होते ही विभाग की टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची और वन्यजीव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन और परिक्षेत्र अधिकारी पंकज पटेल के नेतृत्व में गठित रेस्क्यू टीम ने आवश्यक सावधानियां बरतते हुए पैंगोलिन को सुरक्षित तरीके से पकड़ा। इसके बाद वन्यजीव को उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल आरक्षित वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।

रेस्क्यू अभियान में डिप्टी रेंजर महेंद्र बघेल और शोभित राम यादव ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम के सदस्यों ने पूरी सतर्कता और प्रशिक्षित तरीके से कार्रवाई करते हुए पैंगोलिन को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाया। समय पर सूचना मिलने और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण दुर्लभ वन्यजीव को सुरक्षित बचाकर उसके प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाया जा सका।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह रेस्क्यू अभियान वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति विभाग की संवेदनशीलता और तत्परता का उदाहरण है। ग्रामीण क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संपर्क की घटनाओं के दौरान समय पर सूचना मिलने से वन्यजीवों को सुरक्षित बचाने और उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में वापस पहुंचाने में काफी मदद मिलती है।

वन विभाग ने ग्रामीणों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में कोई वन्यजीव दिखाई देता है या वह गलती से किसी घर अथवा आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और न ही उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में तत्काल निकटतम वन विभाग के कार्यालय या अधिकारियों को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर सके।

विभाग ने कहा कि आम लोगों की जागरूकता और सहयोग वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाकर मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत अनुसूची-1 में शामिल अत्यंत संरक्षित वन्यजीव प्रजाति है। अवैध शिकार और तस्करी के कारण पैंगोलिन के संरक्षण को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसे में इसके संरक्षण और सुरक्षित रेस्क्यू के लिए वन विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य में वन्यजीव संरक्षण, त्वरित रेस्क्यू और जनजागरूकता को लेकर वन विभाग सक्रियता से कार्य कर रहा है। ग्राम कुंजंटोला में पैंगोलिन का सफल रेस्क्यू इसी दिशा में विभाग की तत्परता और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण को दर्शाता है।

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