रायपुर, 3 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में किफायती और सतत परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सतत विकल्प योजना (SATAT) के क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए गठित समिति की बैठक सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा विभाग एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने की। बैठक में कचरे, कृषि अवशेष और बायोगैस से संपीड़ित जैव गैस (CBG) के उत्पादन तथा इसके ईंधन के रूप में उपयोग को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य में CBG प्लांटों की स्थापना के लिए विभिन्न जिलों में भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है। प्लांटों की स्थापना के लिए आवश्यक कार्यवाही भी की जा रही है। छत्तीसगढ़ CBG नीति 2026 के तहत राज्य में इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों की भूमिकाएं और जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
बैठक में CBG प्लांटों की स्थापना और इनमें निवेश करने वाले उद्यमियों एवं निवेशकों को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि सतत विकल्प योजना (SATAT) भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की पहल है, जिसका उद्देश्य देश में स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन के उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा देना है। यह योजना छत्तीसगढ़ में भी लागू है।

योजना के तहत तेल विपणन कंपनियों (OMC) और अन्य संबंधित संस्थाओं द्वारा CBG प्लांटों से उत्पादित संपीड़ित जैव गैस की खरीद के लिए अनुबंध किए जाते हैं। इससे CBG उत्पादन करने वाले निवेशकों को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलती है और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलता है।
बैठक में बताया गया कि CBG प्लांटों की स्थापना से कृषि अवशेषों, धान के पैरा और अन्य जैविक कचरे के बेहतर उपयोग का रास्ता खुलेगा। इससे खेतों में पराली और कृषि अवशेष जलाने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी और इससे होने वाले वायु प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा।
CBG उत्पादन के लिए कृषि अवशेष और पशु अपशिष्ट का उपयोग होने से किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिल सकता है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में राज्य के विभिन्न नगरीय निकायों में CBG संयंत्रों की स्थापना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सतत ऊर्जा उत्पादन और शहरी क्षेत्रों में कचरे के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में नए प्रयास किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के भिलाई, रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, अंबिकापुर और रायगढ़ नगरीय निकायों में CBG संयंत्र स्थापित करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन संयंत्रों के माध्यम से शहरों से निकलने वाले जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करते हुए स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा।
बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास, पशुधन विकास, पर्यावरण संरक्षण मंडल, कृषि एवं किसान कल्याण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण, सीएसआईडीसी और तेल विपणन कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे।
