नौरू, 04 अगस्त 2026। प्रशांत महासागर में स्थित छोटे द्वीप देश नौरू ने अपना आधिकारिक नाम बदलकर नाओएरो गणराज्य कर लिया है। देश के राष्ट्रपति डेविड अदेआंग ने नाम परिवर्तन की घोषणा करते हुए कहा कि नया नाम देश की राष्ट्रीय भाषा में प्रचलित पारंपरिक वर्तनी और उच्चारण को बेहतर तरीके से दर्शाता है। इस बदलाव को देश की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नाम परिवर्तन के साथ देश के अंतरराष्ट्रीय पहचान कोड में भी बदलाव किया जाएगा। नौरू का अंतरराष्ट्रीय कोड अब एनआरयू के स्थान पर एनआरओ होगा। इसके अलावा, देश के नागरिकों की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाले नाम में भी बदलाव किया गया है। अब उन्हें नौरूअन के बजाय देई-नाओएरो के नाम से संबोधित किया जाएगा।
नए नाम के उच्चारण में भी पारंपरिक भाषा को प्राथमिकता दी गई है। विदेशों में नौरू को आमतौर पर ‘नाउ-रू’ के उच्चारण से जाना जाता रहा है, लेकिन आधिकारिक नाम परिवर्तन के बाद इसका उच्चारण ‘नाउ-एरो’ किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह बदलाव देश के मूल भाषाई स्वरूप और स्थानीय पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक सही तरीके से प्रस्तुत करने में मदद करेगा।
लगभग 12 हजार लोगों की आबादी वाला नाओएरो गणराज्य प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा प्रवाल चूना पत्थर का द्वीप देश है। क्षेत्रफल और आबादी दोनों की दृष्टि से यह दुनिया के छोटे देशों में शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जनसंख्या के आधार पर तुवालू और वेटिकन सिटी के बाद इसे दुनिया के सबसे छोटे देशों में गिना जाता है।

नाओएरो गणराज्य का इतिहास भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। यह द्वीप पहले जर्मनी का उपनिवेश था। बाद के वर्षों में इसका प्रशासन ऑस्ट्रेलिया के अधीन रहा। लंबे औपनिवेशिक दौर के बाद नौरू ने वर्ष 1968 में स्वतंत्रता प्राप्त की और एक स्वतंत्र गणराज्य के रूप में अपनी पहचान स्थापित की।
देश की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक फॉस्फेट खनन पर निर्भर रही। फॉस्फेट के व्यापक दोहन ने द्वीप के प्राकृतिक पर्यावरण और भू-दृश्य पर भी गहरा प्रभाव डाला। वर्तमान समय में देश अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रयास कर रहा है।
आधिकारिक नाम परिवर्तन को केवल प्रशासनिक बदलाव के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे देश की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय भाषा और राष्ट्रीय पहचान को सम्मान देने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है। राष्ट्रपति डेविड अदेआंग की घोषणा के बाद नाओएरो गणराज्य अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने पारंपरिक नाम और पहचान के साथ आगे बढ़ेगा।
प्रशांत क्षेत्र में स्थित यह छोटा द्वीप राष्ट्र भले ही आकार और आबादी के मामले में दुनिया के सबसे छोटे देशों में शामिल हो, लेकिन अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और इतिहास के कारण इसका अंतरराष्ट्रीय महत्व बना हुआ है। नाम परिवर्तन के साथ अब देश की पहचान आधिकारिक रूप से नाओएरो गणराज्य के रूप में स्थापित होगी।
