पीओजेके में चुनावी प्रक्रिया को भारत ने बताया दिखावा, पाकिस्तान पर मानवाधिकार उल्लंघन का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026। भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में कराए जा रहे कथित स्थानीय चुनावों को पूरी तरह दिखावटी करार देते हुए कहा है कि इससे वहां की वास्तविक स्थिति को छिपाया नहीं जा सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बुधवार को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि पीओजेके में लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की हिंसा ही वहां की वास्तविक तस्वीर है। उन्होंने बताया कि जून 2026 से जारी विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक 90 नागरिकों की मौत हो चुकी है। उनका आरोप है कि पाकिस्तान ने जनता की लोकतांत्रिक आवाज को हिंसा और गोलियों से दबाने का प्रयास किया है और अब चुनावी प्रक्रिया का सहारा लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने वास्तविक हालात छिपाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उसका दोहरा रवैया दुनिया के सामने उजागर होना चाहिए।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में रणधीर जायसवाल ने बताया कि 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में भारत की मेजबानी में होने वाले सम्मेलन के संपर्क सत्र के लिए बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संगठनों के अन्य प्रमुखों को भी संपर्क सत्र में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को फरवरी 2026 में पदभार संभालने के बाद भारत यात्रा का औपचारिक निमंत्रण भी भेजा गया था।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की प्रस्तावित ऑनलाइन मीडिया बातचीत पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संगठन द्वारा आयोजित किया जा रहा है। सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है और न ही वह इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले विचारों का समर्थन या अनुमोदन करती है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत अपने आधिकारिक रुख और कूटनीतिक प्रक्रियाओं के अनुरूप ही अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी नीति का पालन करता है।

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