11.62 करोड़ रुपये की लागत से दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचेगी बिजली, हजारों परिवारों को मिलेगा लाभ
रायपुर, 5 अगस्त 2026। प्रदेश सरकार ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत सूरजपुर जिले के 97 गांवों में विद्युत विस्तार कार्य स्वीकृत किया गया है। लगभग 11 करोड़ 62 लाख रुपये की लागत से यह कार्य किया जाएगा, जिससे दूरस्थ बस्तियों तक बिजली पहुंच सकेगी और हजारों ग्रामीण परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
राज्य शासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वीकृत कार्यों के तहत विकासखंड भैयाथान के 36 गांवों के लगभग 109 मोहल्लों एवं पारों, विकासखंड ओड़गी के 32 गांवों के लगभग 68 मोहल्लों एवं पारों तथा विकासखंड सूरजपुर के 29 गांवों के लगभग 53 मोहल्लों एवं पारों में विद्युत सुविधा का विस्तार किया जाएगा।
यह परियोजना उन ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां अब तक पर्याप्त विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं थी। बिजली पहुंचने से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा, पेयजल व्यवस्था मजबूत होगी, घरेलू कार्यों में सुविधा बढ़ेगी तथा कृषि और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य विकास की रोशनी को अंतिम छोर तक पहुंचाना है। इसी सोच के अनुरूप दूरस्थ और जनजातीय अंचलों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। विद्युत सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
सरकार का मानना है कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां अब तक आधारभूत सुविधाओं का पर्याप्त विस्तार नहीं हो पाया था।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत स्वीकृत यह विद्युत विस्तार कार्य जनजातीय और दूरस्थ गांवों के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों के हजारों परिवारों को नियमित विद्युत सुविधा उपलब्ध होगी और विकास की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।
