रायपुर, 5 अगस्त 2026/ राज्य में घुमंतू और बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय देने, गौ-संरक्षण को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘गौधाम योजना’ को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में कुल 1,460 गौधामों की स्थापना करने का लक्ष्य रखा गया है।
घुमंतू एवं निराश्रित पशुधन के व्यवस्थापन हेतु शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग, रायपुर ने गौधाम योजना के तहत 1,460 गौधामों की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की है। प्रत्येक विकासखंड में उत्कृष्ट 10 गौठानों का चयन कर उन्हें गौधाम के रूप में विकसित किया जाएगा। 408 आवेदनों में से 151 को प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। अब तक 88 गौधामों का पंजीयन पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में संचालित 42 गौधामों में लगभग 5,109 निराश्रित पशुओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
संयुक्त संचालक (पशु चिकित्सा सेवाएं) से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में ऐसे गौठानों का चयन किया गया है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के समीप स्थित हैं और जहां सभी आवश्यक अधोसंरचनाएं उपलब्ध हैं। गौधामों का संचालन स्वयंसेवी संस्थाओं, पंजीकृत गौशालाओं, एनजीओ, एफपीओ और ट्रस्ट के माध्यम से किया जाएगा। हाल ही में पशुधन विकास विभाग ने नियमों में संशोधन कर ग्राम पंचायतों को गौधाम संचालन में प्राथमिकता दी है। इसके अलावा शहरी गौठानों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

गौधाम स्थापना की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। जिला स्तरीय समिति और कलेक्टर की अनुशंसा के बाद पंचायत से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाता है। भौतिक सत्यापन के बाद आवेदन छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजे जाते हैं। आयोग की क्रियान्वयन समिति प्रत्येक तीन माह में होने वाली बैठक में इन आवेदनों की समीक्षा करती है। इसके बाद अंतिम प्रशासकीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जाता है, जहां से स्वीकृति मिलने पर अनुबंध और पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।
सरकार का मानना है कि गोधन ग्रामीण संस्कृति और कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। ग्राम पंचायतों को संचालन का अधिकार मिलने और शहरी गौठानों को योजना में शामिल किए जाने से भविष्य में गौधामों की संख्या में और वृद्धि होगी। वर्तमान में विभिन्न जिलों से नए गौधामों की स्थापना के लिए लगातार आवेदन प्राप्त हो रहे हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
