बस्तर में शिशु संरक्षण माह का आगाज, 24 सितंबर तक बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर रहेगा विशेष फोकस

जगदलपुर, 18 अगस्त 2026। बच्चों के सर्वांगीण स्वास्थ्य, बेहतर पोषण और बीमारियों से बचाव को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बस्तर में शिशु संरक्षण माह अभियान की शुरुआत हो गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन तथा जिला स्वास्थ्य समिति जगदलपुर के संयुक्त तत्वावधान में यह व्यापक अभियान 18 अगस्त से 24 सितंबर तक चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 वर्ष तक के बच्चों को आवश्यक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं उपलब्ध कराना और कुपोषण तथा एनीमिया की समय पर पहचान कर उनका प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करना है। अभियान के लिए स्वस्थ बच्चे-स्वस्थ भविष्य का ध्येय निर्धारित किया गया है।

शिशु संरक्षण माह के दौरान जिले के स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच की जा रही है। अभियान के तहत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को छह माह के अंतराल पर दी जाने वाली विटामिन-ए की खुराक पिलाई जा रही है। विटामिन-ए बच्चों की आंखों की रोशनी और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार 1 एमएल आयरन सिरप का सेवन कराया जा रहा है, ताकि बच्चों में आयरन की कमी और एनीमिया की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।

अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों के वजन और बांह की माप लेकर उनके पोषण स्तर की जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया के माध्यम से कुपोषित और गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जांच के दौरान जिन बच्चों में पोषण संबंधी गंभीर समस्या पाई जाएगी, उन्हें आवश्यक उपचार और बेहतर पोषण प्रबंधन के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा। इससे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

एनीमिया नियंत्रण के लिए भी अभियान के दौरान आवश्यकतानुसार बच्चों के हीमोग्लोबिन की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि बच्चों में खून की कमी की समस्या की पहचान शुरुआती स्तर पर ही कर ली जाए, जिससे समय पर उपचार और पोषण संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा अभिभावकों को बच्चों के संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है।

अभियान के दौरान 5 वर्ष तक के ऐसे बच्चों की भी पहचान की जा रही है, जो किसी कारण से नियमित टीकाकरण से छूट गए हैं या अब तक वंचित हैं। ऐसे बच्चों का शत-प्रतिशत नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को विभिन्न गंभीर एवं संक्रामक बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करना है।

स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम स्वास्थ्य या आंगनबाड़ी केंद्र लेकर जाएं और शिशु संरक्षण माह के तहत उपलब्ध स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का लाभ उठाएं। विभाग ने कहा है कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए परिवार, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। अभियान के माध्यम से स्वस्थ और सुपोषित बच्चों के निर्माण के साथ स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

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