नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने युवा संगम चरण VII के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त 2026 कर दी है। पहले पंजीकरण की अंतिम तिथि 18 अगस्त निर्धारित की गई थी। समय सीमा बढ़ाए जाने से देशभर के पात्र युवाओं को इस अनूठे युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम में शामिल होने का अतिरिक्त अवसर मिल गया है। इच्छुक युवा आधिकारिक युवा संगम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।
युवा संगम चरण VII में 18 से 30 वर्ष की आयु के युवा भाग ले सकते हैं। इनमें उच्च शिक्षा संस्थानों के विद्यार्थी, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) के स्वयंसेवक तथा युवा पेशेवर शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं, शिक्षा, विकास और सामाजिक जीवन को करीब से समझने का अवसर देना है।
इस चरण के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय प्रबंधन संस्थान, केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान सहित 20 उच्च शिक्षण संस्थानों को नोडल संस्थान के रूप में चुना गया है। ये संस्थान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच होने वाली युवा यात्राओं के आयोजन और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
चयनित प्रतिभागियों को संबद्ध राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों की 5 से 7 दिनों की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक यात्राओं में शामिल होने का अवसर मिलेगा। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को स्थानीय परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत, शैक्षणिक संस्थानों, शासन संबंधी पहलों, नवाचार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र, उद्योगों तथा सामुदायिक जीवन को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलेगा। यात्रा के दिनों को इस अवधि में शामिल नहीं किया जाएगा।
युवा संगम चरण VII के तहत उत्तर प्रदेश को केरल से, मध्य प्रदेश को कर्नाटक से, असम को तेलंगाना से, गोवा को मिजोरम से, राजस्थान को सिक्किम से, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को महाराष्ट्र से, पश्चिम बंगाल को उत्तराखंड से, चंडीगढ़ को गुजरात से, हिमाचल प्रदेश को ओडिशा से तथा दिल्ली को तमिलनाडु से जोड़ा गया है। इन जोड़ीदार राज्यों के बीच युवाओं का अनुभवात्मक आदान-प्रदान कराया जाएगा।
युवा संगम, एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत संचालित प्रमुख युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच भावनात्मक जुड़ाव, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। कार्यक्रम युवाओं को भारत की भाषाई, सांस्कृतिक, सामाजिक, शैक्षिक और विकासात्मक विविधता को प्रत्यक्ष अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है।
कार्यक्रम की गतिविधियां पांच प्रमुख विषयगत स्तंभों यानी 5पी पर आधारित हैं। इनमें पर्यटन, परंपरा, प्रगति, परस्पर संपर्क और प्रौद्योगिकी शामिल हैं। पर्यटन के माध्यम से प्रतिभागी महत्वपूर्ण स्थलों को देखते हैं, परंपरा के जरिए स्थानीय संस्कृति से जुड़ते हैं, प्रगति के तहत विकास और सुशासन को समझते हैं, परस्पर संपर्क के माध्यम से स्थानीय समुदायों से संवाद करते हैं तथा प्रौद्योगिकी के तहत नवाचार और तकनीकी प्रगति को करीब से देखते हैं।

युवा संगम की यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उस भावना के अनुरूप है, जिसमें युवाओं को अनुभवात्मक शिक्षा, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर दिया गया है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक बढ़ने से अधिक युवाओं के इस कार्यक्रम से जुड़ने और देश की विविधता को करीब से समझने की उम्मीद है।
