संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस रविवार को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने बताया कि अपने संबोधन में गुटेरेस बदलती वैश्विक बहुध्रुवीय व्यवस्था में ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करेंगे।
गुटेरेस इस बात पर जोर देंगे कि वर्तमान विश्व की आर्थिक, जनसांख्यिकीय और भू-राजनीतिक परिस्थितियां वर्ष 1945 की परिस्थितियों से काफी अलग हैं। उनके अनुसार, ब्रिक्स देश आज की बदलती वैश्विक वास्तविकताओं का महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अपने संबोधन में यह भी बताएंगे कि बहुध्रुवीय व्यवस्था किस तरह वैश्विक प्रणालियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में बेहतर संतुलन स्थापित करने में मदद कर सकती है। वे मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर देंगे।
गुटेरेस विशेष रूप से ब्रेटन वुड्स प्रणाली और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का आह्वान कर सकते हैं, ताकि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं वर्तमान वैश्विक शक्ति-संतुलन और बदलती वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से प्रतिबिंबित कर सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” रखा गया है। सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, आर्थिक विकास, बहुपक्षीय व्यवस्था और बदलती अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की भारत यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें भी होने की संभावना है। प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक के अनुसार, गुटेरेस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित अन्य नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता होने की उम्मीद है।
यह यात्रा गुटेरेस की भारत की पांचवीं यात्रा होगी। इसी वर्ष फरवरी में भारत में आयोजित एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद उनकी यह दूसरी भारत यात्रा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच बहुपक्षीय सहयोग तथा वैश्विक संस्थानों में सुधार से जुड़े मुद्दों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
