महासमुंद। जिले में एनालॉग पनीर के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। भलेसर स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट्स से 17 अगस्त को लिए गए पनीर के सैंपल की जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में पनीर को असुरक्षित और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया है।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने वैद्य फूड प्रोडक्ट्स की फैक्ट्री पहुंचकर जब्त किए गए करीब 300 किलो पनीर को फैक्ट्री परिसर में गड्ढा खोदकर नष्ट कराया। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 59 के तहत कार्रवाई करते हुए पनीर उत्पादन यूनिट को सील कर दिया गया।

जांच में स्टार्च, शुगर और फॉरेन फैट की पुष्टि
दरअसल, महासमुंद जिले में एनालॉग पनीर बनाए जाने की शिकायत के बाद 17 अगस्त को जिला प्रशासन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भलेसर स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट्स में छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान करीब 300 किलो पनीर जब्त किया गया था। इसके नमूने जांच के लिए राज्य औषधि प्रयोगशाला, रायपुर भेजे गए थे।
अब प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार, जांच में पनीर में स्टार्च, शुगर और फॉरेन फैट की मिलावट की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने जब्त पनीर को मौके पर ही नष्ट कराया और उत्पादन यूनिट को सील कर दिया।
अन्य पनीर फैक्ट्रियों पर भी निगरानी की मांग
महासमुंद जिले में पनीर निर्माण की दो अन्य फैक्ट्रियां भी संचालित हैं। ऐसे में अब इन इकाइयों की भी जांच किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन अन्य पनीर निर्माण इकाइयों से भी सैंपल लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराएगा।
यदि अन्य फैक्ट्रियों से भी नमूने लिए जाते हैं, तो उनकी जांच रिपोर्ट में क्या सामने आता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर निगरानी व्यवस्था पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है।
