ब्रिक्स युवा अलायंस की चर्चा में वैश्विक शासन और आर्थिक न्याय पर मंथन

नई दिल्ली, 23 अगस्त 2026/ ब्रिक्स युवा अलायंस ने ‘ब्रिक्स और ग्लोबल साउथ: वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार या मौजूदा असमानताओं की पुनरावृत्ति?’ विषय पर राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का आयोजन किया। 22 और 23 अगस्त को आयोजित ऑनलाइन राष्ट्रीय दौर में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने वैश्विक शासन व्यवस्था, आर्थिक न्याय और बहुपक्षीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। चर्चा के विजेताओं को दिसंबर 2026 में रूस में आयोजित होने वाले ग्रैंड फिनाले में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को वैश्विक नीतिगत विषयों पर तार्किक और तथ्यपरक विचार रखने का मंच उपलब्ध कराना तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर उनकी समझ को विकसित करना रहा। चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने यह विचार रखा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में शासन व्यवस्था को अधिक समावेशी, न्यायसंगत और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय दौर में देश के विभिन्न हिस्सों से चयनित स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के सामने वैश्विक दक्षिण की बदलती भूमिका, आर्थिक असमानता, बहुपक्षीय संस्थाओं की प्रासंगिकता और वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में विकासशील देशों की भागीदारी जैसे विषय प्रमुख रहे। विद्यार्थियों ने अपने पक्ष में तर्क प्रस्तुत करते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार और विकासशील देशों की आवाज को अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत पर चर्चा की।

ब्रिक्स युवा अलायंस की इस पहल को भारत में युवाओं की वैश्विक संवाद और बहुपक्षीय सहयोग में भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता का व्यापक दृष्टिकोण ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ पर आधारित है, जिसमें युवाओं को नवाचार, सहयोग और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखा गया है।

चर्चा में सिक्किम सहित पूरे पूर्वोत्तर भारत का प्रतिनिधित्व पासांग डोलमू तमांग कर रहे हैं। वे राष्ट्रीय दौर के लिए चयनित पूर्वोत्तर क्षेत्र के एकमात्र प्रतिभागी हैं। उन्हें देशभर से चयनित एकमात्र नेपाली विद्यार्थी के रूप में भी राष्ट्रीय दौर में स्थान मिला है। यह चयन पूर्वोत्तर भारत की युवा प्रतिभाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करता है।

ब्रिक्स युवा गतिविधियों का दायरा केवल चर्चा और वाद-विवाद तक सीमित नहीं है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान गांधीनगर में 19-20 अगस्त को ब्रिक्स युवा परिषद की बैठक और युवा शिखर सम्मेलन आयोजित किए गए थे। इनमें शिक्षा, उद्यमिता, भविष्य के कौशल, समावेशी विकास, युवा कल्याण, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

इसके बाद 22 अगस्त को विशाखापत्तनम में ब्रिक्स युवा मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें युवा सहयोग को मजबूत करने के लिए संयुक्त वक्तव्य अपनाया गया। इसमें शिक्षा, कौशल विकास, युवा उद्यमिता, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, सामाजिक-सांस्कृतिक भागीदारी, स्वयंसेवा, स्वास्थ्य, खेल, पर्यावरणीय स्थिरता और युवा समावेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

ब्रिक्स युवा अलायंस की राष्ट्रीय चर्चा इसी व्यापक युवा संवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को समझने, अलग-अलग दृष्टिकोणों पर विचार करने और तर्कपूर्ण संवाद के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है। राष्ट्रीय दौर के विजेताओं के लिए अब दिसंबर में रूस में होने वाला अंतिम चरण अगली महत्वपूर्ण चुनौती होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *