रायपुर, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को राज्य सरकार ने महंगाई राहत में वृद्धि की सौगात दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के अनुसार सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छठवें वेतनमान के पेंशनरों को 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी। यह लाभ 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। आदेश उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद जारी किया गया है। राज्य सरकार के पेंशनरों के लिए भी 1 जनवरी 2026 से यही 58 प्रतिशत और 257 प्रतिशत की संशोधित दरें लागू किए जाने की जानकारी वित्त विभाग के निर्देशों में दर्ज है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 1 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत की दरें निर्धारित की हैं। इस अवधि में सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 55 प्रतिशत तथा छठवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी। इससे नगरीय निकायों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त आर्थिक राहत प्राप्त होगी।
विभाग के अनुसार संशोधित महंगाई राहत का लाभ पेंशन और परिवार पेंशन प्राप्त करने वाले पात्र हितग्राहियों को निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुसार दिया जाएगा। महंगाई राहत में यह वृद्धि राज्य शासन द्वारा पेंशनरों के लिए स्वीकृत पुनरीक्षित दरों के अनुरूप है। वित्त विभाग की वेबसाइट पर 8 अप्रैल 2026 को राज्य के पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की पुनरीक्षित दरों से संबंधित निर्देश भी उपलब्ध हैं।
सातवें वेतनमान के पेंशनरों के लिए 58 प्रतिशत महंगाई राहत की दर केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय पेंशनभोगियों के लिए 1 जनवरी 2026 से स्वीकृत 58 प्रतिशत महंगाई राहत की दर से भी मेल खाती है। केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से महंगाई राहत में दो प्रतिशत की वृद्धि की थी।
छत्तीसगढ़ में पेंशनरों की महंगाई राहत में समय-समय पर संशोधन किया जाता रहा है। वित्त विभाग के रिकॉर्ड में मई 2025, अक्टूबर 2025 और अप्रैल 2026 में पेंशनरों की महंगाई राहत की पुनरीक्षित दरों से संबंधित निर्देश दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि महंगाई राहत की दरों को समय-समय पर मूल्य वृद्धि और शासन के निर्णयों के अनुरूप संशोधित किया जा रहा है।
नगरीय निकायों के पेंशनरों के लिए जारी नई दरों से विशेष रूप से उन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जिनकी पेंशन सातवें या छठवें वेतनमान के आधार पर निर्धारित है। परिवार पेंशनधारियों को भी संबंधित दर के अनुसार महंगाई राहत मिलेगी। इससे पेंशनभोगियों को मिलने वाली कुल मासिक राशि में वृद्धि होगी और उन्हें वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में अतिरिक्त सहायता प्राप्त होगी।
विभागीय निर्णय के अनुसार 1 जनवरी 2026 से प्रभावी 58 प्रतिशत और 257 प्रतिशत की दर के साथ संबंधित अवधि के बकाया लाभ के भुगतान की प्रक्रिया भी विभागीय नियमों के अनुसार की जाएगी। वहीं 1 सितंबर से 31 दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित 55 प्रतिशत और 252 प्रतिशत की दर पूर्व अवधि के लिए लागू होगी।
राज्य सरकार के इस निर्णय को नगरीय निकायों से जुड़े पेंशनरों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत के रूप में देखा जा रहा है। महंगाई राहत बढ़ने से पेंशनभोगियों और परिवार पेंशनधारियों की क्रय क्षमता को सहारा मिलेगा तथा नियमित घरेलू खर्चों के प्रबंधन में उन्हें कुछ अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
विभाग ने संबंधित अधिकारियों को संशोधित दरों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इसका लाभ नियमानुसार मिल सके। राज्य शासन के स्तर पर पेंशनरों के लिए महंगाई राहत की दरों में किए गए पुनरीक्षण के अनुरूप नगरीय निकायों में भी यह व्यवस्था लागू की गई है।

इस निर्णय से नगरीय निकायों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ परिवार पेंशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों को भी सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। नई व्यवस्था 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने के कारण पात्र पेंशनरों को संशोधित दर के अनुसार महंगाई राहत प्राप्त होगी।
