नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026। देश में मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के तेजी से विस्तार के साथ मोबाइल उपकरणों के अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान संख्या यानी आईएमईआई और अन्य दूरसंचार पहचानकर्ताओं के दुरुपयोग को लेकर दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को सतर्क किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आईएमईआई नंबर से छेड़छाड़ करना अथवा अनधिकृत या छेड़छाड़ किए गए दूरसंचार पहचानकर्ताओं वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत दंडनीय अपराध है।
दूरसंचार विभाग के अनुसार दूरसंचार पहचानकर्ताओं के साथ छेड़छाड़ से न केवल नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, बल्कि इससे दूरसंचार नेटवर्क की सुरक्षा और उसकी विश्वसनीयता पर भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। इसी कारण सरकार ने ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू किए हैं।
दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 42(3)(ग) दूरसंचार पहचानकर्ताओं के साथ छेड़छाड़ को प्रतिबंधित करती है। वहीं धारा 42(3)(ङ) धोखाधड़ी, जालसाजी अथवा प्रतिरूपण के माध्यम से ग्राहक पहचान मॉड्यूल यानी सिम या दूरसंचार पहचानकर्ता प्राप्त करने पर रोक लगाती है। नियमों का उल्लंघन करने पर तीन वर्ष तक का कारावास, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। विभाग ने बताया कि धारा 42(7) के तहत ऐसे अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती हैं। इसके अलावा धारा 42(6) के तहत अपराध में सहायता करने या उसे बढ़ावा देने वाले व्यक्ति भी समान दंड के पात्र हो सकते हैं।
दूरसंचार विभाग ने नागरिकों से ऐसे मॉडेम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स या अन्य उपकरणों का उपयोग, खरीद अथवा असेंबल करने से बचने को कहा है, जिनमें आईएमईआई नंबर बदला या उसके साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। जाली दस्तावेजों या धोखाधड़ी के माध्यम से सिम कार्ड प्राप्त करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
विभाग ने विशेष रूप से अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित करने, बेचने, किराये पर देने या इस्तेमाल के लिए सौंपने से सावधान किया है। यदि ऐसे सिम का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी अथवा किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि में होता है तो मूल ग्राहक भी कानूनी दायित्व में फंस सकता है।
इसके अलावा कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी या अन्य दूरसंचार पहचानकर्ताओं को बदलने के लिए किसी मोबाइल एप्लिकेशन, वेबसाइट अथवा अन्य माध्यम का इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है। विभाग के मुताबिक छेड़छाड़ किए गए आईएमईआई वाले उपकरणों का इस्तेमाल, धोखाधड़ी से सिम प्राप्त करना और सिम को दुरुपयोग करने वाले व्यक्ति को देना गंभीर कानूनी परिणाम पैदा कर सकता है।
दूरसंचार विभाग ने नागरिकों को अपने मोबाइल कनेक्शन और हैंडसेट की सुरक्षा तथा सत्यापन के लिए संचार साथी पोर्टल और मोबाइल ऐप का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया है। संचार साथी के माध्यम से मोबाइल हैंडसेट के आईएमईआई विवरण की जांच की जा सकती है। इससे डिवाइस का ब्रांड, मॉडल और निर्माता जैसी जानकारी भी सत्यापित की जा सकती है।

विभाग ने नागरिकों से अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी जांचने और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के माध्यम से रिपोर्ट करने की अपील की है। सरकार का कहना है कि दूरसंचार अधिनियम, 2023 का अनुपालन नागरिकों को साइबर और दूरसंचार संबंधी धोखाधड़ी से बचाने तथा देश के दूरसंचार तंत्र को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
