रायपुर, 8 सितंबर 2026। देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वोत्तर भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश का अनुमान जताया है। असम और मेघालय में 8 और 9 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में इन क्षेत्रों में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।
आईएमडी के अनुसार, पूर्वोत्तर के साथ देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। अगले दो दिनों में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय के लिए 7 सितंबर से 13 सितंबर तक लगातार भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 8 और 9 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की संभावना है। इसके बाद भी 10 और 11 सितंबर को भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है, जबकि 12 और 13 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
पूर्वोत्तर के अलावा पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और झारखंड में आने वाले दिनों में बारिश का प्रभाव देखा जा सकता है। आईएमडी के हालिया बुलेटिन के अनुसार, गंगीय पश्चिम बंगाल में 7 से 10 सितंबर तथा झारखंड में 8 से 11 सितंबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना है। ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में भी मानसून की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी हुई है। आईएमडी के रायपुर केंद्र के पूर्वानुमान में सितंबर के शुरुआती दिनों में राज्य के कई जिलों में बारिश के साथ कुछ स्थानों पर आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दर्ज की गई थी। दुर्ग, बालोद, बेमेतरा सहित कई जिलों के लिए भी गरज-चमक संबंधी चेतावनी जारी की गई थी।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ट्रफ की स्थिति और विभिन्न हिस्सों में बने निम्न दबाव क्षेत्रों का प्रभाव बारिश की गतिविधियों पर पड़ रहा है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों के कारण मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बादल छाए रहने और स्थानीय स्तर पर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ में बारिश का असर खेती-किसानी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सितंबर में होने वाली बारिश खरीफ फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है, हालांकि लगातार तेज बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और फसल क्षति की स्थिति भी बन सकती है। किसानों को स्थानीय मौसम चेतावनियों के आधार पर कृषि गतिविधियां संचालित करने की सलाह दी जाती है।

मौसम विभाग ने लोगों से गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
