भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर (आईआईएम रायपुर) के नया रायपुर परिसर में 30 और 31 जनवरी 2027 को दूसरे अंतरराष्ट्रीय केस कॉन्फ्रेंस (ICC 2027) का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन से एक दिन पहले 29 जनवरी को प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाएं आयोजित होंगी। वर्ष 2026 में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय केस कॉन्फ्रेंस की सफलता के बाद आईआईएम रायपुर ने इस आयोजन के लिए संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं, पीएचडी शोधार्थियों और प्रैक्टिशनर्स से मौलिक एवं अप्रकाशित केस प्रस्तुतियां आमंत्रित की हैं। इच्छुक प्रतिभागी 30 नवंबर 2026 तक अपनी केस प्रस्तुतियां जमा कर सकते हैं।
“Emerging Markets, Emerging Technologies: The Next Chapter in Case-Based Learning” विषय पर आयोजित होने वाला यह सम्मेलन उभरते बाजारों, नई प्रौद्योगिकियों, समकालीन नीतिगत बदलावों तथा भारतीय और वैश्विक व्यवसायों के बदलते परिवेश से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों पर केस आधारित संवाद को बढ़ावा देगा। सम्मेलन में समकालीन व्यावसायिक प्रथाओं, भारत सरकार की नीतियों के प्रभाव, व्यावसायिक निर्णय-निर्माण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग तथा भारतीय व्यावसायिक रणनीतियों के वैश्वीकरण जैसे विषयों पर विशेष चर्चा होगी।
आईआईएम रायपुर के डायरेक्टर-इन-चार्ज एवं आईसीसी 2027 के चीफ पैट्रन प्रो. संजीव पराशर ने कहा कि अच्छे केस वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों को कक्षा तक लाते हैं और शिक्षार्थियों को उन निर्णयों तथा दुविधाओं को समझने का अवसर देते हैं, जिनका सामना संगठन वास्तविक परिस्थितियों में करते हैं। उन्होंने कहा कि उभरते बाजार और प्रौद्योगिकियां वैश्विक कारोबारी परिवेश को लगातार नया स्वरूप दे रही हैं। ऐसे में आईसीसी 2027 प्रासंगिक और व्यावहारिक केस विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराएगा और प्रबंधन शिक्षा को समृद्ध करने में योगदान देगा।
सम्मेलन के लिए प्रस्तुत किए जाने वाले केस रणनीति एवं गवर्नेंस, मार्केटिंग एवं ग्राहक-केंद्रित नवाचार, वित्त एवं फिनटेक, मानव संसाधन प्रबंधन एवं संगठनात्मक व्यवहार, संचालन एवं आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, स्थिरता एवं पर्यावरण, पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG), सार्वजनिक नीति एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के रूपांतरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं उभरती प्रौद्योगिकियों, उद्यमिता एवं पारिवारिक व्यवसाय तथा प्रबंधन में कला एवं संचार जैसे विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हो सकते हैं।
प्रतिभागियों को सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ केस पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अवसर भी मिलेगा। विभिन्न प्रस्तुति ट्रैक में पुरस्कारों के साथ समग्र रूप से सर्वश्रेष्ठ केस के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः 15,000 रुपये, 10,000 रुपये और 7,000 रुपये निर्धारित किए गए हैं। चयनित केस को अंतरराष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्या (ISBN) युक्त कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स वॉल्यूम में प्रकाशित किया जाएगा।
प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यक्रम के अंतर्गत 29 जनवरी 2027 को केस राइटिंग वर्कशॉप के साथ पहली बार केस टीचिंग वर्कशॉप भी आयोजित की जाएगी। इन कार्यशालाओं में केस आइडिया विकसित करने, शोध एवं साक्षात्कार, केस की संरचना तैयार करने, एग्जिबिट्स और टीचिंग नोट्स विकसित करने, कक्षा में केस के प्रभावी संचालन तथा केस आधारित शिक्षण में मल्टीमीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के उपयोग जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

आईआईएम रायपुर का केस हाउस भारत-केंद्रित और व्यावहारिक केस विकसित करने तथा केस-मेथड आधारित शिक्षण को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। यह संस्थान की ‘बिल्डिंग बिजनेस ओनर्स’ की विचारधारा के अनुरूप है। आईसीसी 2027 में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी मौलिक एवं अप्रकाशित केस प्रस्तुतियां 30 नवंबर 2026 तक जमा कर सकते हैं। केस सबमिशन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश और सम्मेलन की अन्य जानकारी आईसीसी 2027 की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
