ग्रेटर नोएडा, 24 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक स्लीपर बस में भीषण आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। हादसा जेवर थाना क्षेत्र में दयानतपुर गांव के पास करीब रात 11 बजे हुआ। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी और उसमें करीब 35 यात्री सवार थे।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, बस में आग लगते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। आग तेजी से फैलने के कारण कई यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। करीब 26 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि कुछ यात्री बस के भीतर फंस गए। आग की चपेट में आने से नौ यात्रियों की मौत हो गई। मृतकों में एक महिला के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
सूचना मिलते ही जेवर पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची। कई दमकल वाहनों और पानी के टैंकरों की मदद से आग पर काबू पाया गया। आग की तीव्रता को देखते हुए कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित हुआ। राहत एवं बचाव अभियान पूरा होने के बाद यातायात सामान्य कराया गया। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक पुलिस जांच के अनुसार बस के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में स्पार्क या विस्फोट के बाद इंजन का लुब्रिकेंट ऑयल आग की चपेट में आने की आशंका जताई गई है, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
हादसे के संबंध में जेवर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बस में सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और आग लगने के बाद यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त व्यवस्था थी या नहीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा घायलों को उचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हादसे में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को दो लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।

पुलिस और प्रशासन अब हादसे के कारणों, बस की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा व्यवस्थाओं और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं। हादसे ने लंबी दूरी की स्लीपर बसों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकासी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
