भुवनेश्वर/रायपुर, 24 सितंबर 2026। बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव का क्षेत्र उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट के पास से गुजरने के बाद अब अंदरूनी क्षेत्रों की ओर बढ़ गया है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। 25 और 26 सितंबर को भी राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली 23 सितंबर की शाम उत्तर आंध्र प्रदेश के तट के निकट कलिंगपट्टनम से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित थी और इसके बाद उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा तट को पार कर गई। दक्षिण ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में उस दौरान तेज हवाओं के साथ भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई थी। समुद्र भी बहुत अशांत से ऊंची स्थिति में रहने की चेतावनी दी गई थी।
गहरे दबाव के प्रभाव से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अत्यधिक बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और सड़क संपर्क प्रभावित होने की आशंका है। पहाड़ी एवं संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा है। मलकानगिरी सहित दक्षिणी जिलों में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा है और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक मशीनरी एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं।
मौसम प्रणाली का असर पड़ोसी राज्यों में भी दिखाई दे रहा है। आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर देखा गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रणाली के धीरे-धीरे कमजोर होकर आगे बढ़ने के बावजूद इससे जुड़े बादल और नमी अगले कुछ समय तक कई क्षेत्रों में बारिश करा सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में भी इस मौसम प्रणाली का प्रभाव देखने को मिल रहा है। IMD के रायपुर-लभांडी केंद्र के अनुसार 24 सितंबर को रायपुर में सामान्यतः बादल छाए रहने तथा कुछ दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है। 24 सितंबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। 25 और 26 सितंबर को भी बादल छाए रहने तथा बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना है। रायपुर में इन दिनों अधिकतम तापमान लगभग 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

ओडिशा में 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी के बाद प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। मौसम प्रणाली के आगे बढ़ने के साथ बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है, लेकिन अगले दो दिनों तक कई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रह सकती है। ऐसे में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी परिस्थितियों को लेकर स्थानीय प्रशासन सतर्क है।
