नई दिल्ली, 28 सितंबर 2026/ देश के औद्योगिक क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है। अगस्त 2026 में भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) की ओर से जारी त्वरित अनुमानों के अनुसार, जुलाई 2026 में दर्ज 6.7 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में अगस्त में औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार तेज हुई है। अगस्त का IIP सूचकांक 123.3 रहा, जबकि अगस्त 2025 में यह 114.2 था।
औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि के प्रमुख आधार विनिर्माण तथा बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र रहे। IIP में सबसे अधिक भार रखने वाले विनिर्माण क्षेत्र में अगस्त के दौरान सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र में उत्पादन 12.3 प्रतिशत बढ़ा। वहीं जल आपूर्ति, सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में भी 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके विपरीत खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में 5.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
विनिर्माण क्षेत्र के प्रदर्शन को देखें तो 23 प्रमुख उद्योग समूहों में से 18 ने अगस्त में पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। इनमें विद्युत उपकरण निर्माण में 30.9 प्रतिशत, अन्य परिवहन उपकरण निर्माण में 25.3 प्रतिशत और मोटर वाहन, ट्रेलर तथा सेमी-ट्रेलर निर्माण में 25.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे विनिर्माण गतिविधियों में व्यापक विस्तार का संकेत मिलता है।
उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार भी औद्योगिक गतिविधियों में विभिन्न क्षेत्रों में वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त में पूंजीगत वस्तुओं के उत्पादन में 16.9 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 13.7 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बुनियादी वस्तुओं में वृद्धि 3.5 प्रतिशत और बुनियादी ढांचा एवं निर्माण वस्तुओं में 6.4 प्रतिशत रही। उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
बिजली क्षेत्र के आंकड़े भी उल्लेखनीय रहे। अगस्त में बिजली उत्पादन में 13.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। नवीकरणीय स्रोतों से बिजली उत्पादन 15.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि गैर-नवीकरणीय स्रोतों से उत्पादन में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, गैस आपूर्ति में 2.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जल आपूर्ति में 4.5 प्रतिशत तथा सीवरेज और अपशिष्ट प्रबंधन में 8.8 प्रतिशत की वृद्धि रही।
अगस्त के औद्योगिक उत्पादन आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब सरकार ने इस वर्ष जून में IIP की नई श्रृंखला जारी की थी। नई श्रृंखला में आधार वर्ष 2022-23 किया गया है और औद्योगिक गतिविधियों के आकलन के दायरे को विस्तृत किया गया है। इसमें गैस आपूर्ति, जल आपूर्ति, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन तथा लघु एवं दुर्लभ मृदा खनिजों जैसे क्षेत्रों को अधिक व्यापक रूप से शामिल किया गया है। नई श्रृंखला में 1,042 उत्पादों और 463 आइटम समूहों को शामिल किया गया है।

अगस्त के आंकड़ों से औद्योगिक उत्पादन में जुलाई की तुलना में गति बढ़ने का संकेत मिलता है। हालांकि, ये त्वरित अनुमान हैं और सांख्यिकीय प्रक्रिया के तहत आगामी महीनों में इनमें संशोधन किया जा सकता है।
