रायपुर, 6 अक्टूबर 2026। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश के नेतृत्व में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल तंजानिया के अरुशा में आयोजित 153वीं अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू) सभा में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है। 5 अक्टूबर को सभा के पहले दिन भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने विभिन्न समितियों, मंचों और बैठकों में हिस्सा लेकर स्वास्थ्य, महिला नेतृत्व, दिव्यांगजन अधिकार, आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद से मुकाबला तथा वैश्विक संसदीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
लोकसभा सांसद और आईपीयू की स्वास्थ्य संबंधी समिति के सदस्य डॉ. संजय जायसवाल ने स्वास्थ्य संबंधी समिति के सत्रों में भाग लिया। इन बैठकों के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों और संसदीय स्तर पर प्रभावी नीतिगत सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। भारत की भागीदारी ने स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में समावेशी नीतियों के महत्व को रेखांकित किया।

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सहित भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने एशिया-प्रशांत भू-राजनीतिक समूह की बैठकों में भी हिस्सा लिया। लोकसभा सांसद और आईपीयू कार्यकारी समिति की सदस्य अपराजिता सारंगी ने समूह के सदस्यों को आईपीयू कार्यकारी समिति की हालिया गतिविधियों और विभिन्न पहलों की जानकारी दी। इससे संसदीय संस्थाओं के बीच संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने के भारत के प्रयासों को बल मिला।
महिला सांसदों के मंच के सत्रों में भी भारतीय सांसदों ने महत्वपूर्ण विषयों पर भारत का पक्ष रखा। लोकसभा सांसद कमलजीत सहरावत ने “सभी के लिए समावेशी सामाजिक विकास: दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए संसदीय रणनीतियां” विषय पर चर्चा में भाग लिया। उन्होंने दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए संसदीय प्रयासों से जुड़े भारत के दृष्टिकोण को सामने रखा। वहीं लोकसभा सांसद बिजुली कलिता मेधी ने “महिला नेतृत्व” विषय पर आयोजित सत्र में भाग लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर विचार रखे।
राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने एशियाई संसदीय सभा की बैठक में भाग लिया। लोकसभा सांसद और आतंकवाद एवं हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने संबंधी आईपीयू के उच्च स्तरीय परामर्शदाता समूह की सदस्य लता वानखेड़े ने समूह की बोर्ड बैठक में हिस्सा लिया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों के माध्यम से विभिन्न देशों के साथ संसदीय और पारस्परिक हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। हरिवंश के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ऑस्ट्रेलिया की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष मिल्टन डिक तथा संयुक्त गणराज्य तंजानिया की संसद के अध्यक्ष मूसा अज़ान ज़ुंगु के साथ बैठक की। इन मुलाकातों में पारस्परिक हित के विषयों और संसदीय सहयोग को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।

153वीं आईपीयू सभा का औपचारिक उद्घाटन समारोह तंजानिया की संसद द्वारा आयोजित किया गया। तंजानिया की राष्ट्रपति डॉ. सामिया सुलुहू हसन ने समारोह को संबोधित करते हुए 153वीं सभा के शुभारंभ की घोषणा की। उद्घाटन समारोह में हरिवंश के साथ अपराजिता सारंगी, अनुराग सिंह ठाकुर, एनके प्रेमचंद्रन और डॉ. सस्मित पात्रा शामिल हुए। भारतीय सांसदों ने तंजानिया सरकार के विदेश मंत्री सहित विभिन्न मंत्रियों से भी संवाद किया। आईपीयू सभा में भारत की सक्रिय भागीदारी वैश्विक संसदीय सहयोग और लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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