नई दिल्ली। देश आज भारतीय वायु सेना का 94वां स्थापना दिवस मना रहा है। 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित भारतीय वायु सेना ने पिछले नौ दशकों से अधिक समय में देश की सुरक्षा, संप्रभुता और हवाई सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सभी वायु योद्धाओं, पूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी 8 अक्टूबर को वायु योद्धाओं को बधाई देते हुए उनके साहस और देश के आकाश की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को नमन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अपने संदेश में भारतीय वायु सेना की व्यावसायिकता, अनुशासन और तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि वायु सेना ने इन उच्च मानकों को बनाए रखते हुए देश की अनुकरणीय सेवा की है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में भारतीय वायु योद्धाओं के साहस, सटीकता और परिचालन तत्परता को प्रदर्शित किया। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान वायु सेना की सहायता देश के प्रति उसके समर्पण को दर्शाती है।
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि भारतीय वायु सेना का शौर्य, व्यावसायिकता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा देश की संप्रभुता की रक्षा में निरंतर योगदान दे रही है। उन्होंने मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों में वायु सेना की भूमिका को भी रेखांकित किया और कहा कि संकट के समय मानवता की सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता प्रेरणादायी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायु सेना दिवस पर वायु योद्धाओं को बधाई देते हुए कहा कि देश को अपने एयर वॉरियर्स पर गर्व है। उन्होंने उनके साहस और देश के आकाश की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को नमन किया। प्रधानमंत्री ने इससे पहले भी भारतीय वायु सेना की आधुनिक क्षमता, उन्नत तकनीक और बदलते सुरक्षा वातावरण के अनुरूप उसकी तैयारी को रेखांकित किया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय वायु सेना को वास्तविक जीवन के उन जांबाज नायकों की सेना बताया, जिनकी वीरता, सटीकता और मारक क्षमता देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने वायु योद्धाओं के साहस और समर्पण को नमन करते हुए उनके योगदान की सराहना की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय वायु सेना साहस, वीरता, अनुशासन और व्यावसायिकता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वायु योद्धाओं ने हमेशा देश की रक्षा में अपनी भूमिका निभाई है और संकट की परिस्थितियों में अटूट प्रतिबद्धता के साथ आगे आए हैं। रक्षा मंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि वायु सेना के जवानों का समर्पण देश की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प की भावना को भी मजबूती देता है। भारतीय वायु सेना ने देश के भीतर और विदेशों में राहत एवं बचाव अभियानों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

94वें वायु सेना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना अपनी युद्धक तैयारी, आधुनिक तकनीक, स्वदेशी क्षमताओं और मानवीय सहायता के संकल्प के साथ राष्ट्र की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रही है। यह दिवस देश की रक्षा के लिए समर्पित वायु योद्धाओं के साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को नमन करने का अवसर है।
