शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से दिया इस्तीफा

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सोशल मीडिया पोस्ट में, उन्होंने कहा कि पिछले दस दिनों से विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के बाद उत्पन्न स्थिति से वे व्यथित हैं और यह उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर और पूरे देश में वर्तमान स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ ना उठा सके और किसी भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंपने का निर्णय लिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इसके प्रति सदा समर्पित रहेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नीट यूजी परीक्षा में अनियमितताओं के बाद, सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी और परीक्षा रद्द कर दी थी। सरकार ने पुनर्परीक्षा की नई तिथि की भी घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले वर्ष से इस परीक्षा को कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इसके लिए भारत सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों को शामिल करते हुए ‘समग्र सरकारी’ दृष्टिकोण अपनाया गया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के सहयोग से परीक्षा 21 जून, 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही पूरी जिम्मेदारी ली और कभी भी इस स्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे, जिसमें वंचित पृष्ठभूमि के कई मेधावी विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि इस दौरान भी, जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ व्यक्तियों ने बाधाएँ उत्पन्न करने और विद्यार्थियों को गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस कृत्य से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।

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